विकसित देशों की तर्ज पर योजनाओं के तीव्र क्रियान्वयन के लिए विश्व स्तर की प्रोफेशनल टीमों की मदद ले विभाग: मुख्यमंत्री

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*हरियाणा विजन-2047 के अंतर्गत मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने स्वास्थ्य विभाग के अगले 5 वर्षों की कार्ययोजना की समीक्षा की*

चंडीगढ़, 14 मई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्यों को हरियाणा समय से पहले पूरा करेगा। इसके लिए सभी विभागों के समन्वित प्रयास जरूरी हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा तैयार किए गए 5 वर्षीय कार्यान्वयन रोडमैप और कार्य योजना की समीक्षा करते हुए वीरवार को मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग विश्व स्तर की प्रोफेशनल टीमों की मदद ले जो आधुनिक तकनीकों की सहायता से अन्य विकसित देशों व राज्यों की तर्ज पर योजनाओं के क्रियान्वयन में विभाग की मदद कर सके ताकि लक्ष्यों को तीव्र गति से पूरा किया जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य हर व्यक्ति तक उत्कृष्ट, सुलभ और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है।

*वार रूम की तर्ज पर बनेगा सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल रूम*

उन्होंने कहा कि प्रदेश में शिशु और गभर्वती महिलाओं की मृत्यु दर को रिकॉर्ड स्तर पर कम करने की जरूरत है। इसके लिए सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल रूम बनाया जाए जो वार रूम की तर्ज पर दिन-रात काम करे। यहां से पूरे प्रदेश में प्रतिदिन शिशु व गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य पर निगरानी रखते हुए किसी भी प्रकार की चूक पर रोक लगाई जा सकेगी। उन्होंने बच्चों के स्वास्थ्य के संबंध में विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

*दवाइयों का संपूर्ण रिकॉर्ड ऑनलाइन हो*

मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्पतालों में दवाइयों का संपूर्ण रिकॉर्ड ऑनलाइन होना आवश्यक है। चिकित्सक के दवाई लिखते ही रिकॉर्ड अपडेट हो जाए तो अस्पतालों में दवाइयों की कमी की समस्या नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत बनाने के लिए 70 एम्बुलेंसों की खरीद को पहले ही स्वीकृति दी जा चुकी है। विभाग को आवश्कता अनुसार अन्य सभी प्र्रकार के उपकरण व अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी लेकिन प्रदेशवासियों को स्वास्थ्य सेवाएं मिलने में किसी प्रकार की दिक्कत न आए।

*सरकारी के साथ-साथ निजी स्कूलों के बच्चों की भी स्वास्थ्य जांच हो*

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि अभी तक स्वास्थ्य विभाग द्वारा केवल सरकारी स्कूलों व आंगनवाड़ी केंद्रों में ही बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की जाती है लेकिन भविष्य में निजी स्कूलों में पढ़ने वाले सभी बच्चों की स्वास्थ्य जांच भी सुनिश्चित की जाए। बच्चों को आवश्कता अनुसार दवाइयां के साथ-साथ उन्हें स्वस्थ रहने के प्रति जागरूक भी किया जाए।

*कैंसर मरीजों की निःशुल्क कीमोथैरेपी के लिए डे-केयर कैंसर सेंटर संचालित*

स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती सुमिता मिश्रा ने बताया कि प्रदेश में डे-केयर कैंसर सेंटर के माध्यम से उन कैंसर मरीजों की निःशुल्क कीमोथैरेपी की जाती है जिन्हें मेडिकल कॉलेजों द्वारा रेफर किया जाता है। इससे कैंसर मरीजों को काफी लाभ हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कैंसर की स्क्रीनिंग के लिए प्रत्येक जिला में मैमोग्राफी मशीनें लगाई जाएं।

*2030 तक हर वार्ड व गांव होगा टीबी मुक्त*

वर्ष 2030 तक प्रदेश के प्रत्येक वार्ड व गांव को टीबी मुक्त करने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री ने कहा कि टीबी का कोई भी मरीज अनट्रेस न रहे और सभी मरीजों का समुचित इलाज किया जाए ताकि यह रोग आगे न बढ़े। रोग की पहले ही पहचान हो, इसके लिए तकनीक का भी सहारा लिया जाए और व्यापक स्तर पर जांच करवाई जाए। मरीजों के लिए संतुलित आहार, मानसिक स्वास्थ्य तथा नशे की लालसा को रोकने की दिशा में भी प्रभावी कदम उठाए जाएं।

*लक्ष्य प्राप्ति में अन्य विभाग की निभाएं भूमिका*

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के स्वास्थ्य लक्ष्यों की प्राप्ति में आयुष विभाग भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि आयुष विभाग बीमारियों के बचाव की दिशा में दवाईयों पर कम और जागरूकता पर अधिक फोकस करे। इसी प्रकार मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च के अधिकारियों को पीपीपी मोड में मेडिकल कॉलेज के संचालन की दिशा में संभावना तलाशने तथा इस संबंध में अन्य प्रदेशों द्वारा अपनाई जा रही योजना का अध्ययन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों व मेडिकल कॉलेजों को रेटिंग देने कार्ययोजना भी तैयार की जाए ताकि कमियों को पहचान कर इन्हें दूर किया जा सके। इसी प्रकार उन्होंने प्रदेश के ट्रामा सेंटर्स को भी अपग्रेड कर इन्हें लेवल-1 व लेवल-2 तक करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

*इलाज के स्थान पर रोगों से बचाव की बने रणनीति*

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग रोगों के इलाज के स्थान पर अब रोगों से बचाव की दिशा में प्रभावी रोडमैप तैयार करे ताकि बीमार होने की नौबत ही न आए। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ आयुष विभाग, मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च तथा फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन सहित अन्य संबंधित विभाग मिलकर समन्वित रूप से कार्य करें ताकि विकसित भारत-2047 के लक्ष्यों को समय से पहले पूरा किया जा सके।

*सभी स्वास्थ्य संस्थानों में व्यापक स्तर पर पौधारोपण करवाएं*

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी अस्पतालों, स्वास्थ्य संस्थानों और मेडिकल कॉलेजों के परिसरों में व्यापक स्तर पर पौधारोपण भी करवाया जाए। इसके लिए अधिक से अधिक स्थान चिह्नित कर ‘एक पेड मां के नाम’ योजना के तहत ट्री-गार्ड सहित पौधारोपण किया जाए।

*ये रहे मौजूद*

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर,  स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ सुमिता मिश्रा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण गुप्ता, मुख्यमंत्री के ओएसडी व स्वर्ण जयंती हरियाणा राजकोषीय प्रबंधन संस्थान के महानिदेशक डॉ. राज नेहरू, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव श्री यशपाल यादव तथा स्वास्थ्य सचिव श्री आरएस ढिल्लो सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

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Author: Bharat Sarathi

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