एचपीएससी अब 35 प्रतिशत का क्राइटेरिया खत्म करके तुरंत भर्ती करे युवा अब रोजगार के साथ निष्पक्षता, पारदर्शिता और न्याय भी चाहता है: सैलजा
चंडीगढ़, 15 मई। सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय कैबिनेट मंत्री, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं सीडब्ल्यूसी सदस्य कुमारी सैलजा ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट द्वारा एचपीएससी की असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती प्रक्रिया और संबंधित विज्ञापन को रद्द किए जाने के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह निर्णय भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सांसद ने कहा कि लंबे समय से हरियाणा के युवा भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं, बड़ी संख्या में खाली छोड़े गए पदों तथा इंटरव्यू प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे थे और अब अदालत के फैसले ने इन चिंताओं को गंभीरता से स्वीकार किया है।
कुमारी सैलजा ने कहा कि हालांकि हाई कोर्ट का फैसला युवाओं के संघर्ष को मजबूती देने वाला है, लेकिन वास्तविक जीत उस दिन मानी जाएगी जब एचपीएससी द्वारा लागू किया गया 35 प्रतिशत पात्रता मानदंड पूरी तरह समाप्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यही वह सबसे बड़ा कारण है जिसकी वजह से हजारों योग्य अभ्यर्थियों को इंटरव्यू तक पहुंचने का अवसर नहीं मिल पा रहा। जब प्रदेश में नेट, पीएचडी, जेआरएफ और वर्षों का शिक्षण अनुभव रखने वाले हजारों युवा मौजूद हैं, तब अत्यधिक कठोर पात्रता मानदंड लगाकर बड़ी संख्या में पद खाली छोडऩा युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय है। सांसद ने कहा कि असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में 2424 पद विज्ञापित किए गए थे, लेकिन बड़ी संख्या में पद रिक्त छोड़ दिए गए। अंग्रेजी विषय में 613 पदों के मुकाबले केवल 151 उम्मीदवारों को ही पास घोषित किया गया और बाद में इनमें से भी बड़ी संख्या बाहर हो गई, जिससे सैकड़ों पद खाली रह गए।
कुमारी सैलजा ने कहा कि यह अंग्रेजी साहित्य के युवाओं के साथ एक प्रकार का अन्याय है। वर्षों तक तैयारी करने वाले योग्य अभ्यर्थियों को अवसर देने के बजाय भर्ती प्रक्रिया को इस तरह सीमित कर देना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि फिजिक्स में 300 से अधिक पद रिक्त रखे गए, जबकि मैथ, डिफेंस स्टडी, इकोनॉमिक्स और अन्य विषयों में भी यही स्थिति देखने को मिली। इससे यह प्रश्न उठना स्वाभाविक है कि जब योग्य उम्मीदवार उपलब्ध हैं तो आखिर इतने पद खाली क्यों छोड़े जा रहे हैं। सांसद ने कहा कि केवल असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती ही नहीं, बल्कि अन्य भर्तियों में भी इसी प्रकार के मामले सामने आए हैं। एडीओ और पीजीटी कंप्यूटर साइंस भर्ती में भी भारी संख्या में पद रिक्त रखे गए, जिससे प्रदेश के युवाओं में गहरा असंतोष पैदा हुआ है। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया का उद्देश्य योग्य युवाओं को अवसर देना होना चाहिए, न कि तकनीकी मानदंडों और जटिल प्रक्रियाओं के माध्यम से उन्हें बाहर करना।
सांसद कुमारी सैलजा ने आंदोलनरत युवाओं के शांतिपूर्ण संघर्ष की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं की मांग पूरी तरह न्यायसंगत है। उन्होंने मांग की कि 35 प्रतिशत पात्रता शर्त समाप्त की जाए तथा साक्षात्कार के लिए पदों के मुकाबले कम से कम दो से तीन गुना अभ्यर्थियों को बुलाया जाए, ताकि चयन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रतिस्पर्धात्मक बन सके। सांसद ने हरियाणा सरकार और एचपीएससी से मांग की कि भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह यूजीसी नियमों के अनुरूप दोबारा संचालित किया जाए, इंटरव्यू प्रणाली को जवाबदेह बनाया जाए तथा खाली पड़े पदों को शीघ्र भरा जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश का युवा अब केवल रोजगार नहीं, बल्कि निष्पक्षता, पारदर्शिता और न्याय चाहता है तथा कांग्रेस पार्टी युवाओं की इस लड़ाई में उनके साथ मजबूती से खड़ी है।
चुनाव खत्म, मोदी की वसूली शुरू: कुमारी सैलजा
सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने पेट्रोल, डीजल और सीएनजी के दामों में हुई भारी बढ़ोतरी पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि चुनाव खत्म होते ही मोदी सरकार ने जनता से वसूली शुरू कर दी है। सांसद ने कहा कि चुनावों तक राहत का दिखावा करने वाली भाजपा सरकार अब आम आदमी की जेब पर सीधा हमला कर रही है। पेट्रोल, डीजल और सीएनजी के दामों में लगातार बढ़ोतरी से महंगाई और बढ़ेगी, जिसका असर हर वर्ग पर पड़ेगा।
कुमारी सैलजा ने कहा कि पहले से ही महंगाई से परेशान जनता को अब परिवहन, रसोई गैस, खाद्य पदार्थों और रोजमर्रा की जरूरतों की वस्तुओं के बढ़ते दामों का अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ेगा। भाजपा सरकार की नीतियां केवल बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने वाली हैं, जबकि आम नागरिक की परेशानियों की कोई चिंता नहीं की जा रही। कुमारी सैलजा ने केंद्र सरकार से तुरंत बढ़े हुए दाम वापस लेने और जनता को राहत देने की मांग की।








