बजट घोषणा पर उठाए सवाल, 12 साल से अधर में लटका अस्पताल प्रोजेक्ट
रेवाड़ी, 16 मार्च। स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से सवाल किया है कि बजट 2026 में घोषित रेवाड़ी जिले में 300 बेड का सरकारी अस्पताल आखिर किस स्थान पर बनाया जाएगा। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री ने अपने बजट भाषण में रेवाड़ी के 200 बेड के जिला सरकारी अस्पताल को बढ़ाकर 300 बेड करने की घोषणा की, जबकि वास्तविकता यह है कि रेवाड़ी में 200 बेड का सरकारी अस्पताल ही अस्तित्व में नहीं है।
विद्रोही ने कहा कि पिछले करीब दस वर्षों से भाजपा सरकार रेवाड़ी में 200 बेड का सरकारी अस्पताल बनाने की घोषणा करती आ रही है, लेकिन आज तक यह भी तय नहीं हो पाया कि अस्पताल का निर्माण किस स्थान पर किया जाएगा। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब 200 बेड का अस्पताल ही कहीं मौजूद नहीं है, तो उसे बढ़ाकर 300 बेड का बनाने की घोषणा का क्या औचित्य है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में वर्ष 2012-13 के दौरान रेवाड़ी में 200 बेड का अस्पताल बनाने का निर्णय लिया गया था, लेकिन सरकार बदलने के बाद पिछले 12 वर्षों में भाजपा सरकार इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा सकी। उनके अनुसार इस मुद्दे पर केवल दावे और घोषणाएं की गईं, जबकि जमीन पर कोई काम नहीं हुआ।
विद्रोही ने कहा कि रेवाड़ी के रामपुरा की निवासी आरती राव के हरियाणा का स्वास्थ्य मंत्री बनने के बाद क्षेत्र के लोगों को उम्मीद जगी थी कि वर्षों से लंबित 200 बेड के अस्पताल का निर्माण शुरू होगा। लेकिन उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य मंत्री बनने के 17 महीने बाद भी आरती राव अपने ही गृह जिले में इस परियोजना को आगे बढ़ाने में सफल नहीं हो सकी हैं।
उन्होंने कहा कि यदि स्वास्थ्य मंत्री अपने ही जिले में 12 वर्ष पहले घोषित अस्पताल का निर्माण शुरू नहीं करा पाती हैं, तो अहीरवाल क्षेत्र में उनके स्वास्थ्य मंत्री पद का औचित्य सवालों के घेरे में आ जाता है। विद्रोही ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पिछले 12 वर्षों में 200 बेड का अस्पताल बनाने में असफल रही है और अब 300 बेड के अस्पताल की घोषणा कर एक और नया जुमला उछाल दिया गया है।









