महापंचायत, आंदोलन और अनशन की घोषणाओं के बावजूद अब तक नहीं निकला हल, जटोली अनाज मंडी की रैली पर टिकी निगाहें
फतह सिंह उजाला
पटौदी। पटौदी को जिला बनाने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ती दिखाई दे रही है। पिछले लगभग चार वर्षों में इस मांग को लेकर विभिन्न स्तरों पर बड़े आंदोलन, महापंचायतें और यहां तक कि आमरण अनशन की घोषणाएं भी की जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है।
अब 22 मार्च को जटोली नई अनाज मंडी में आयोजित होने वाली महा विकास रैली से इस मांग को लेकर क्षेत्र के लोगों की उम्मीदें एक बार फिर बढ़ गई हैं। रैली के आयोजक पटौदी के विधायक तथा सत्तारूढ़ दल के नेता और कार्यकर्ता दावा कर रहे हैं कि मुख्यमंत्री के समक्ष पटौदी को जिला बनाने की मांग पूरी मजबूती के साथ रखी जाएगी।
हालांकि बड़ा सवाल यह है कि यदि इस बार भी वर्ष 2014 जैसी स्थिति बनी रही तो जिला बनाने की मांग को लेकर आगे आंदोलन की दिशा क्या होगी। क्या आंदोलन और विरोध केवल बैठकों और समाचारों तक ही सीमित रह जाएंगे या फिर कोई नया संघर्ष खड़ा किया जाएगा।
गौरतलब है कि 10 अगस्त 2024 को जटोली नई अनाज मंडी में आयोजित मुख्यमंत्री की सभा में भी पटौदी को जिला बनाने की मांग जोरदार ढंग से उठाई गई थी। उस समय मंच से सत्ता पक्ष के करीबी एक संत ने इस विषय को प्रमुखता से रखा था, लेकिन मंच पर मौजूद मुख्यमंत्री ने इस पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी थी।
हालांकि उसी अवसर पर मुख्यमंत्री ने पटौदी विधानसभा क्षेत्र के लिए लगभग 184 करोड़ रुपये की 87 विकास योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया था। इसके अतिरिक्त विभिन्न विकास कार्यों के लिए 10 करोड़ रुपये देने की भी घोषणा की गई थी। गांव सिवाड़ी, जसात और दौलताबाद में 33 केवी विद्युत उपकेंद्र स्थापित करने की घोषणा भी की गई थी। इसके साथ ही गुरुग्राम जिले के दूसरे नगर निगम मानेसर के लिए नया कार्यालय भवन बनाने के लिए 76 करोड़ रुपये देने की घोषणा की गई थी।
लेकिन जिस घोषणा की सबसे अधिक प्रतीक्षा थी, अर्थात पटौदी को जिला बनाने की, उस पर कोई निर्णय सामने नहीं आया, जिससे समर्थकों में निराशा देखी गई।
इस बार की रैली को लेकर दावा किया जा रहा है कि केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह, उनकी पुत्री और हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव सहित कई समर्थक विधायक भी मंच पर उपस्थित रह सकते हैं।
इसी बीच पटौदी जिला निर्माण समिति तथा क्षेत्र के प्रबुद्ध लोगों की एक बैठक विधायक विमला चौधरी के पुत्र रवि चौधरी की उपस्थिति में आयोजित की गई। बैठक में 22 मार्च की रैली में पटौदी को जिला बनाने की मांग को पूरी ताकत के साथ उठाने का निर्णय दोहराया गया।
समिति से जुड़े लोगों का यह भी कहना है कि रैली से पहले केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह से मिलकर पटौदी को जिला बनाने के मुद्दे पर उनका समर्थन भी प्राप्त किया जाना चाहिए। उल्लेखनीय है कि पूर्व विधायक डॉ सत्य प्रकाश जरावता और वर्तमान विधायक विमला चौधरी दोनों ही पटौदी को जिला बनाने के पक्ष में अपना समर्थन जता चुके हैं। हालांकि जिले के नाम को लेकर कभी-कभी अलग-अलग मत भी सामने आते रहे हैं। विधायक विमला चौधरी स्वयं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को इस संबंध में मांग पत्र भी सौंप चुकी हैं।
इसी बीच हरियाणा सरकार ने हाल ही में हांसी को नया जिला घोषित करते हुए इसे राज्य का 23वां जिला बना दिया है। सरकार तथा जिला निर्माण से जुड़ी समितियों का तर्क है कि नए जिलों की घोषणा जनगणना और निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्निर्धारण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही संभव है।
ऐसे में अब सबकी निगाहें 22 मार्च को जटोली नई अनाज मंडी में आयोजित होने वाली महा विकास रैली पर टिकी हैं। देखना यह होगा कि क्या इस बार पटौदी को जिला बनाने की मांग को सरकार से स्वीकृति मिलती है या फिर यह मुद्दा एक बार फिर केवल चर्चाओं और बैठकों तक ही सीमित रह जाएगा।








