कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, कर्मचारियों के नियमितीकरण, समान वेतन और सामाजिक सुरक्षा की उठाई मांग
चंडीगढ़, 14 मई। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने सफाई एवं अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों की मांगों का समर्थन करते हुए राज्य सरकार पर कर्मचारियों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जो कर्मचारी दिन-रात जनता की सेवा में जुटे रहते हैं, उन्हें अस्थायी रोजगार, शोषण और असुरक्षा नहीं बल्कि सम्मानजनक वेतन, स्थायी नौकरी, सामाजिक सुरक्षा और सुरक्षित कार्य परिस्थितियां मिलनी चाहिए।
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि हरियाणा में नगरपालिका, नगर परिषद, नगर निगम तथा अग्निशमन विभाग के कर्मचारी अपनी न्यायोचित मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं, लेकिन सरकार उनकी आवाज सुनने के बजाय लगातार उपेक्षा कर रही है। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की मांगों को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर स्थिति से अवगत कराया है।
उन्होंने कहा कि सफाई कर्मी और अग्निशमन कर्मचारी अत्यंत कठिन और जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में काम करते हैं, फिर भी उन्हें पर्याप्त सुविधाएं और सुरक्षा उपलब्ध नहीं करवाई जा रही। उन्होंने मांग की कि कच्चे, अनुबंधित, आउटसोर्स और कौशल निगम कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से नियमित किया जाए तथा “समान कार्य-समान वेतन” नीति लागू की जाए।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि कर्मचारियों को जोखिम भत्ता, स्वास्थ्य बीमा, कैशलेस इलाज, पेंशन, सामाजिक सुरक्षा और आधुनिक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध करवाना सरकार की जिम्मेदारी है। साथ ही विभागों में खाली पड़े पदों पर स्थायी भर्ती कर ठेका प्रथा समाप्त की जानी चाहिए, ताकि कर्मचारियों पर बढ़ते कार्यभार को कम किया जा सके और जनसेवाएं बेहतर ढंग से संचालित हों।
उन्होंने फरीदाबाद अग्निकांड में जान गंवाने वाले दमकल कर्मियों को शहीद का दर्जा देने, उनके परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता तथा आश्रितों को सरकारी नौकरी देने की मांग भी उठाई।
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि जो कर्मचारी शहरों और कस्बों को स्वच्छ रखने के साथ-साथ आग जैसी आपदाओं में लोगों की जान बचाते हैं, उनके श्रम और बलिदान का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी कर्मचारियों के संघर्ष में पूरी मजबूती के साथ उनके साथ खड़ी है।
उन्होंने कहा—
“जो शहरों को साफ रखते हैं,
जो आग में भी जान बचाते हैं,
उन मेहनतकश हाथों को
सम्मान, सुरक्षा और अधिकार मिलना ही चाहिए।”







