एलपीजी संकट और महंगी ऊर्जा से आम जनता व छोटे व्यापारियों पर बढ़ेगा बोझ: सैलजा

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-ऊर्जा और विदेश नीति पर सरकार दे स्पष्ट जवाब, जनता को संकट में न डाले

चंडीगढ़, 15 मार्च। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने देश के विभिन्न हिस्सों में एलपीजी गैस की आपूर्ति को लेकर उत्पन्न स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि शैक्षणिक संस्थानों और अस्पतालों को छोडक़र अधिकांश कमर्शियल संस्थानों के लिए एलपीजी गैस की सप्लाई प्रभावित होने से छोटे व्यापारियों, होटल-रेस्तरां संचालकों और लाखों लोगों की रोज़ी-रोटी पर असर पड़ रहा है।

आज मीडिया को जारी एक बयान में उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर गैस सिलेंडर के लिए लंबी-लंबी कतारें देखी जा रही हैं, जिससे आम लोगों और व्यापारियों में चिंता का माहौल बन गया है। यदि समय रहते इस स्थिति को संभाला नहीं गया तो आने वाले समय में यह समस्या और गंभीर हो सकती है। कुमारी सैलजा ने कहा कि देश के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पहले भी ऊर्जा और आर्थिक नीतियों से जुड़ी चुनौतियों को लेकर आगाह कर चुके हैं। ऐसे में सरकार का दायित्व है कि वह ऊर्जा आपूर्ति, व्यापारिक समझौतों और विदेश नीति से जुड़े निर्णयों पर स्पष्ट जानकारी देश के सामने रखे। उन्होंने कहा कि विदेश नीति के कुछ निर्णयों के कारण भारत को नई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। कई ऐसे देश, जिनसे भारत को पहले सस्ती दरों पर पेट्रोलियम पदार्थ उपलब्ध होते थे, उनसे व्यापारिक परिस्थितियाँ प्रभावित हुई हैं। इसके परिणामस्वरूप भारत को अपेक्षाकृत महंगे पेट्रोलियम पदार्थ और कच्चा तेल खरीदने की स्थिति बन रही है, जिसका सीधा असर एलपीजी और अन्य ऊर्जा संसाधनों की कीमतों पर पड़ सकता है। इसका बोझ अंतत: आम नागरिकों और छोटे व्यापारियों पर ही पड़ेगा।

कुमारी सैलजा ने कहा कि देश के नागरिकों को यह जानने का अधिकार है कि ऊर्जा नीति और विदेश नीति से जुड़े ऐसे कौन-कौन से निर्णय लिए जा रहे हैं, जिनका असर सीधे जनता के जीवन और आजीविका पर पड़ रहा है। सरकार को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि एलपीजी की उपलब्धता और आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि गैस आपूर्ति व्यवस्था को तुरंत प्रभाव से व्यवस्थित किया जाए ताकि छोटे व्यापारियों, होटल-रेस्तरां संचालकों और आम नागरिकों को राहत मिल सके और लोगों में फैली चिंता दूर हो।

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Author: Bharat Sarathi

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