हरियाणा में वाहन स्क्रैपिंग और रीसाइक्लिंग उद्योग को बढ़ावा देने की दिशा में अहम पहल

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मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वाहन स्क्रैपिंग और रीसाइक्लिंग क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन योजनाओं पर की समीक्षा

इको पार्क और रीसाइक्लिंग पार्क के विकास से बढ़ेगा निवेश और रोजगार

चंडीगढ़, 13 मार्च — हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में चंडीगढ़ में आयोजित बैठक में राज्य में वाहन स्क्रैपिंग और रीसाइक्लिंग क्षेत्र को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हरियाणा रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग एंड रीसाइक्लिंग फैसिलिटी इंसेंटिव पॉलिसी–2024 के अंतर्गत विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं को लागू करने पर विचार किया गया। बैठक में इस नीति के माध्यम से राज्य में वैज्ञानिक और पर्यावरण अनुकूल तरीके से पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग तथा रीसाइक्लिंग को बढ़ावा देने के साथ-साथ निवेश आकर्षित करने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने पर जोर दिया गया।

इस बैठक में हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री राव नरबीर सिंह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने बताया कि इस नीति के तहत पंजीकृत व्हीकल स्क्रैपिंग एवं रीसाइक्लिंग इकाइयों को उद्योग का दर्जा देते हुए कई प्रकार के वित्तीय प्रोत्साहन दिए जाएंगे। इसके अंतर्गत कैपिटल सब्सिडी स्कीम के माध्यम से नई औद्योगिक इकाइयों तथा विस्तार करने वाली इकाइयों को पूंजीगत निवेश पर निर्धारित प्रतिशत के अनुसार सब्सिडी प्रदान की जाएगी, जिससे उद्योग स्थापित करने की लागत कम होगी और राज्य में अधिक निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा।

बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि नेट एस.जी.एस.टी. रीइम्बर्समेंट स्कीम के तहत पात्र औद्योगिक इकाइयों को राज्य जीएसटी के रूप में जमा की गई राशि का निर्धारित हिस्सा वापस किया जाएगा। इससे उद्योगों को आर्थिक राहत मिलेगी और विशेष रूप से पिछड़े क्षेत्रों में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा।

इसके अतिरिक्त पार्क डेवलपर्स स्कीम के माध्यम से इको पार्क और रीसाइक्लिंग पार्क के विकास के लिए परियोजना लागत (भूमि को छोड़कर) का एक निर्धारित हिस्सा वित्तीय सहायता के रूप में प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही भूमि की खरीद या लीज पर स्टाम्प ड्यूटी की रीइम्बर्समेंट का भी प्रावधान रखा गया है, ताकि आधुनिक अवसंरचना का विकास किया जा सके।

बैठक में कौशल विकास को भी विशेष महत्व देते हुए स्किल डेवलपमेंट के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने तथा सरकारी आईटीआई, पॉलिटेक्निक और अन्य प्रशिक्षण संस्थानों में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने की योजना की जानकारी दी गई। इसका उद्देश्य वाहन स्क्रैपिंग और रीसाइक्लिंग क्षेत्र के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करना और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना है।

उल्लेखनीय है कि इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से हरियाणा में वाहन स्क्रैपिंग और रीसाइक्लिंग उद्योग को नई गति मिलेगी, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और राज्य में निवेश तथा रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी।

बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के महानिदेशक श्री यश गर्ग तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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Author: Bharat Sarathi

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