-कम यातायात अनुमान के कारण इस परियोजना को आगे नहीं बढ़ाया जा रहा
-हिसार-फतेहाबाद-सिरसा रेल लाइन लंबे समय से क्षेत्र की जनता की महत्वपूर्ण मांग रही है
नई दिल्ली / सिरसा, 11 मार्च। सिरसा की सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा ने आज लोकसभा में हिसार-फतेहाबाद-सिरसा नई रेलवे लाइन परियोजना का मुद्दा उठाते हुए केंद्र सरकार से इस परियोजना का पुनर्मूल्यांकन कर इसे स्वीकृति देने की मांग की। लोकसभा में पूछे गए तारांकित प्रश्न के उत्तर में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि हिसार और सिरसा पहले से ही भट्टू कलां के माध्यम से भारतीय रेल नेटवर्क से जुड़े हुए हैं।
उन्होंने कहा कि हिसार से फतेहाबाद और अग्रोहा के रास्ते सिरसा तक लगभग 93 किलोमीटर लंबी प्रस्तावित रेल लाइन का सर्वेक्षण किया गया था, लेकिन कम यातायात अनुमान के कारण इस परियोजना को आगे नहीं बढ़ाया जा सका। रेल मंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी रेलवे परियोजना की स्वीकृति कई मानकों पर आधारित होती है, जिनमें संभावित यातायात, परियोजना की लाभप्रदता, क्षेत्रीय संपर्क, भीड़भाड़ वाली लाइनों को राहत, जनप्रतिनिधियों की मांग, सामाजिक-आर्थिक लाभ तथा उपलब्ध बजट जैसे कारक शामिल होते हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि हिसार-फतेहाबाद-सिरसा रेल लाइन लंबे समय से क्षेत्र की जनता की महत्वपूर्ण मांग रही है और केवल आर्थिक प्रतिफल के आधार पर इस परियोजना को ठंडे बस्ते में डालना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि इस रेल लाइन के बनने से क्षेत्र में उद्योग, व्यापार, कृषि और शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाएं पैदा होंगी और लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी।
कुमारी सैलजा ने यह भी कहा कि अग्रोहा का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व अत्यंत बड़ा है, जिसे सरकार नजरअंदाज कर रही है। अग्रोहा अग्रवाल समाज का प्रमुख तीर्थ स्थल बनकर पूरे देश में विकसित हो रहा है और यहां प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। उन्होंने मांग की कि अग्रोहा को रेलवे नेटवर्क से जोड़ने के लिए इस परियोजना का सामाजिक और धार्मिक महत्व के आधार पर पुनर्मूल्यांकन किया जाना चाहिए। सांसद ने सरकार द्वारा इस परियोजना को वर्षों से ठंडे बस्ते में डालने पर भी आपत्ति जताई और कहा कि यदि परियोजना का पुनर्मूल्यांकन किया जाता है तो उसके सर्वेक्षण, स्वीकृति और निर्माण कार्य के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय की जानी चाहिए, ताकि लंबे समय से प्रतीक्षित इस रेल सुविधा का लाभ क्षेत्र की जनता को मिल सके।








