निगमायुक्त ने कहा – सड़कों को धूल मुक्त बनाने, ग्रीन बेल्ट सुधारने व शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए समन्वय से कार्य करें अधिकारी

गुरुग्राम, 10 मार्च। नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे शहर की उन सड़कों को चिन्हित करें जो एंड-टू-एंड पेवड हैं तथा जिन सड़कों को जल्द पेवड किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इन स्थानों पर सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाया जाए और साथ ही ग्रीन बेल्ट क्षेत्रों के रखरखाव व सुधार पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।
मंगलवार को नगर निगम कार्यालय में आयोजित सफाई व्यवस्था की समीक्षा बैठक के दौरान निगमायुक्त ने कहा कि शहर में धूल मुक्त वातावरण बनाए रखने के लिए सड़कों का एंड-टू-एंड पेवड होना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो क्षेत्र गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीएमडीए) के अधीन आते हैं, वहां पर जीएमडीए के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर सुधार कार्य करवाए जाएं। वहीं जो क्षेत्र नगर निगम गुरुग्राम (एमसीजी) के अधीन आते हैं, वहां पर एमसीजी के इंजीनियरों के माध्यम से आवश्यक कार्य सुनिश्चित किए जाएं।
विकास कार्यों का करें नियमित निरीक्षण
बैठक में निगमायुक्त ने सभी संयुक्त आयुक्तों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों का प्रतिदिन मौके पर जाकर निरीक्षण करें। निरीक्षण के बाद उसकी रिपोर्ट इंस्पेक्शन एप पर अपलोड करना सुनिश्चित करें, ताकि कार्यों की निगरानी और पारदर्शिता बनी रहे। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि यदि किसी क्षेत्र में दूषित पेयजल की शिकायत प्राप्त होती है तो उसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल समाधान किया जाए, ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
मार्केट व मंडी क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान
बैठक के दौरान यह भी निर्णय लिया गया कि शहर के मार्केट और मंडी क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए हरियाणा स्टेट एग्रीकल्चर मार्केटिंग बोर्ड (एचएसएएमबी), मार्केट एसोसिएशन तथा आढ़ती एसोसिएशन के साथ संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक के माध्यम से इन क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए ठोस रणनीति तैयार की जाएगी।
समाधान शिविर की शिकायतों का करें त्वरित निपटान
समाधान शिविरों के माध्यम से प्राप्त होने वाली शिकायतों की समीक्षा करते हुए निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे इन शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण व समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें तथा उसकी एक्शन टेकन रिपोर्ट भी प्रस्तुत करें।
उन्होंने कहा कि समाधान शिविर हरियाणा सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से नागरिकों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। इसलिए सभी अधिकारी इन शिविरों के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के निपटान में पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें।
बैठक में अतिरिक्त निगमायुक्त यश जालुका व रविन्द्र यादव, संयुक्त आयुक्त डॉ नरेश कुमार, विशाल कुमार, डॉ जयवीर यादव व रविन्द्र मलिक सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।








