हरियाणा के कर्मचारियों और पेंशनरों को पंजाब के चार बड़े अस्पतालों में मिलेगा इलाज: स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव

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– इन अस्पतालों में कैंसर, रीढ़ की चोट और लिवर से संबंधित गंभीर बीमारियों का बेहतरीन उपचार उपलब्ध

चंडीगढ़, 10 मार्च – हरियाणा सरकार के कर्मचारियों, पेंशनरों और उनके आश्रितों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उनके प्रयासों से अब हरियाणा सरकार के कर्मचारियों, पेंशनरों और उनके परिवारजनों को पंजाब के चार प्रमुख अस्पतालों में उपचार की सुविधा मिल सकेगी।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि हरियाणा सरकार ने पंजाब के चार प्रतिष्ठित अस्पतालों को उपचार के लिए सूचीबद्ध (एम्पैनल) किया है। इनमें होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, मुल्लांपुर, पंजाब (यह टाटा मेमोरियल सेंटर मुंबई की यूनिट है ),होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल, संगरूर, पंजाब (यह भी टाटा मेमोरियल सेंटर मुंबई की यूनिट है), रीजनल स्पाइनल इंजरीज सेंटर, सेक्टर 70 मोहाली तथा पंजाब इंस्टिट्यूट ऑफ़ लिवर एंड बिलियरी साइंस, फेज 3 बी 1, सेक्टर 60 मोहाली शामिल हैं। इन अस्पतालों में कैंसर, रीढ़ की चोट और लिवर से संबंधित गंभीर बीमारियों का उन्नत उपचार उपलब्ध है।

स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि यह निर्णय राज्य के कर्मचारियों और पेंशनरों को बेहतर और विशेष चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लिया गया है। उन्होंने कहा कि कई बार गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए विशेष अस्पतालों की आवश्यकता होती है और इन अस्पतालों को सूचीबद्ध किए जाने से मरीजों को समय पर और बेहतर इलाज मिल सकेगा।

स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता ने आगे जानकारी दी कि सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार किसी भी आपात स्थिति, आपदा, महामारी या सरकारी अस्पतालों में मरीजों की अधिक संख्या होने की स्थिति में ये सूचीबद्ध अस्पताल एंबुलेंस, आईसीयू/सीसीयू, बर्न यूनिट, वार्ड, बेड तथा मोर्चरी जैसी सुविधाएं भी आवश्यकता के अनुसार उपलब्ध करवाएंगे।

यह निर्देश पत्र जारी होने की तिथि से प्रभावी हो गए हैं। विस्तृत जानकारी हरियाणा के स्वास्थ्य विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से भी प्राप्त की जा सकती है।

स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि हरियाणा सरकार प्रदेश के कर्मचारियों, पेंशनरों और आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है और भविष्य में भी ऐसे कदम उठाए जाते रहेंगे।

क्या यह हरियाणा की स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल है?

हरियाणा सरकार द्वारा पंजाब के चार प्रमुख अस्पतालों को कर्मचारियों और पेंशनरों के इलाज के लिए सूचीबद्ध किए जाने का निर्णय एक ओर जहां बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की पहल है, वहीं यह सवाल भी उठाता है कि क्या गंभीर बीमारियों के उन्नत उपचार के लिए हरियाणा में पर्याप्त सुपर स्पेशियलिटी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।

कैंसर, रीढ़ की चोट और लिवर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए पंजाब के संस्थानों पर निर्भरता यह संकेत देती है कि इन क्षेत्रों में पड़ोसी राज्य की चिकित्सा सेवाएं फिलहाल अधिक विकसित मानी जा रही हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि कर्मचारियों को बाहरी राज्यों में इलाज की सुविधा देना व्यावहारिक कदम है, लेकिन साथ ही हरियाणा में भी इसी स्तर के उन्नत चिकित्सा संस्थानों के विस्तार पर ध्यान देना समय की आवश्यकता है।

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Author: Bharat Sarathi

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