कच्चे तेल के दाम 100 डॉलर पार, 150 डॉलर तक पहुंचने की संभावना जताई
गुरुग्राम, 9 मार्च। स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने कहा कि ईरान-इजरायल-अमेरिका के बीच बढ़ते युद्ध और तनाव से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बड़ा संकट मंडरा रहा है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच चुकी है, जिससे भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने की पूरी संभावना बन गई है और आमजन को महंगाई की नई मार झेलनी पड़ सकती है।
विद्रोही ने कहा कि घरेलू गैस सिलेंडर के दाम पहले ही 60 रुपये प्रति सिलेंडर बढ़ चुके हैं। ऐसे में यदि पश्चिम एशिया में जारी तनाव जल्द समाप्त नहीं हुआ तो आने वाले एक पखवाड़े में कच्चे तेल की कीमत 125 से 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है। उनका कहना है कि ऐसी स्थिति में भारत में परिवहन लागत बढ़ेगी और इसका सीधा असर खाद्य वस्तुओं सहित रोजमर्रा की जरूरत की चीजों पर पड़ेगा, जिससे आम आदमी की आर्थिक स्थिति और अधिक खराब हो सकती है।
उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से देश में महंगाई की चौतरफा मार पड़ेगी। विद्रोही ने आरोप लगाया कि इस पूरे घटनाक्रम ने भारत की विदेश नीति और कूटनीति की कमजोरी को भी उजागर किया है। उनका कहना है कि विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश होते हुए भी भारत अपनी संप्रभुता के सवाल पर मजबूती से खड़ा नहीं दिख रहा।
विद्रोही ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय समझौतों और तेल नीति के मामलों में सरकार को अधिक स्वतंत्र और स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए, ताकि देश की आर्थिक स्थिरता और प्रतिष्ठा प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात में भारत को अपने राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखते हुए निर्णय लेने की आवश्यकता है।







