25 खेल संघों को सख्त आदेश – खेल संघों के लिए ‘करो या मरो’ की स्थिति
– 18 मार्च को हरियाणा ओलम्पिक संघ की बैठक – 31 मार्च 2026 तक संविधान में नियम बदलने अनिवार्य –
दिल्ली/भिवानी, 9 मार्च 2026 – पेरिस इंटरनेशनल ओलम्पिक से शतरंज एशिया महाद्वीप के महासचिव ब्रह्मचारी कुलदीप शतरंज ने बताया कि हरियाणा प्रदेश में सारे खेल संघों को अब भारत सरकार के नेशनल खेल एक्ट 2025 के नए नियमों को लागू करना अनिवार्य होगा। यदि निर्धारित समय सीमा तक इन नियमों का पालन नहीं किया गया तो संबंधित खेल संघों की मान्यता रद्द की जा सकती है।
हरियाणा ओलंपिक संघ के सख्त आदेश – खेल संघों की मान्यता पर लटकी तलवार –
हरियाणा ओलम्पिक संघ ने प्रदेश की लगभग 25 खेल संघों को नोटिस जारी करते हुए निर्देश जारी किये हैं कि वे अपने संविधान और कार्यप्रणाली में आवश्यक संशोधन करें। इन नए नियमों को लागू करने के लिए राष्ट्रीय खेल एक्ट द्वारा 31 मार्च 2026 तक की समय सीमा निर्धारित की गई है।
18 मार्च को बुलाई आवश्यक बैठक – खेल प्रशासन में बड़ा बदलाव –
यदि कोई खेल संघ इन नियमों का पालन नहीं करता है तो उसे सरकारी सहायता, मान्यता तथा अन्य सुविधाओं से वंचित किया जा सकता है। इस संबंध में मौजूदा स्थिति की समीक्षा के लिए 18 मार्च 2026 को हरियाणा ओलम्पिक संघ की एक महत्वपूर्ण बैठक भी बुलाई गई है।
खेल संघों को नए नियम अपनाने अब अनिवार्य –
नए नियमों के तहत खेल संघों की कार्यकारिणी में पारदर्शिता, महिला खिलाड़ियों की भागीदारी तथा चयन प्रक्रिया में सुधार पर विशेष जोर दिया गया है। साथ ही खिलाड़ियों को शिकायत और अपील का स्पष्ट अधिकार भी दिया जाएगा, ताकि चयन से जुड़े विवादों का निष्पक्ष समाधान हो सके।
खेल विशेषज्ञों के अनुसार इन नियमों से खेल संघों में पारदर्शिता बढ़ेगी और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर मिलेंगे।







