आर.एन. रवि बने पश्चिम बंगाल के नए राज्यपाल, ममता बोलीं—केंद्र ने बिना राय लिए लिया फैसला
नई दिल्ली, 6 मार्च। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को 7 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों में राज्यपाल व उपराज्यपाल पदों पर नई नियुक्तियों की घोषणा की। इसी क्रम में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनकी जगह तमिलनाडु के राज्यपाल रहे आर.एन. रवि को पश्चिम बंगाल का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है।
वहीं लद्दाख के उपराज्यपाल कवींद्र गुप्ता ने भी इस्तीफा दे दिया है। उन्हें हिमाचल प्रदेश का राज्यपाल बनाया गया है। लद्दाख के नए उपराज्यपाल के रूप में विनय कुमार सक्सेना की नियुक्ति की गई है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस नियुक्ति पर आश्चर्य जताते हुए कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री ने उन्हें सूचना दी है कि आर.एन. रवि को राज्यपाल बनाया जा रहा है, लेकिन इस संबंध में उनकी राय नहीं ली गई। उन्होंने इसे केंद्र सरकार का एकतरफा निर्णय बताया।
गौरतलब है कि सी.वी. आनंद बोस ने 23 नवंबर 2022 को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल का पद संभाला था, जबकि कवींद्र गुप्ता ने 18 जुलाई 2025 को लद्दाख के उपराज्यपाल के रूप में कार्यभार ग्रहण किया था।
ममता सरकार और राज्यपाल के बीच रहे कई विवाद
बोस के कार्यकाल के दौरान पश्चिम बंगाल सरकार और राजभवन के बीच कई बार टकराव की स्थिति बनी। वर्ष 2023 में राज्य के कई विश्वविद्यालयों में कुलपतियों (VC) की नियुक्ति को लेकर विवाद सामने आया था। राज्य सरकार का आरोप था कि नियुक्तियां उसकी सलाह के बिना की गईं, जबकि राज्यपाल ने इसे अपने संवैधानिक अधिकार के तहत बताया। मामला अदालत तक पहुंच गया।
इसके अलावा राज्य सरकार ने आरोप लगाया था कि राज्यपाल कई विधेयकों को मंजूरी देने में देरी कर रहे हैं, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। वहीं राज्यपाल का कहना था कि विधेयकों की संवैधानिक जांच जरूरी है।
मनरेगा समेत केंद्रीय योजनाओं में कथित अनियमितताओं पर राज्यपाल की टिप्पणियों और जिलों के दौरों को लेकर भी सरकार और राजभवन के बीच मतभेद सामने आए थे।
इसके अतिरिक्त 2024 में राजभवन से जुड़ी महिला कर्मचारियों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर भी विवाद खड़ा हुआ था। राज्यपाल ने इन आरोपों को राजनीतिक दुर्भावना बताते हुए खारिज कर दिया था।








