एसवाईएल नहर और नई विधानसभा भवन पर बजट में चुप्पी को बताया अन्याय, सरकार से मांगा जवाब
चंडीगढ़, 3 मार्च। सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव कुमारी सैलजा ने हरियाणा सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट 2026-27 पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी पंजाब के आगामी चुनावों को ध्यान में रखकर हरियाणा के हितों की अनदेखी कर रही है।
उन्होंने कहा कि चुनावी रणनीति के चलते हरियाणा के अधिकारों और आवश्यक मुद्दों की बलि दी जा रही है। सैलजा ने आरोप लगाया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री राज्य की ज्वलंत समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय अधिक समय पंजाब की राजनीति में व्यतीत कर रहे हैं, जबकि हरियाणा के महत्वपूर्ण विषय उपेक्षित हैं।
सैलजा ने विशेष रूप से सतलुज-यमुना लिंक नहर (एसवाईएल) का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यह हरियाणा के किसानों और जल अधिकारों से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील विषय है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में बजट में एसवाईएल के लिए अलग से प्रावधान किया जाता रहा है, लेकिन इस बार के बजट में इसके लिए कोई पृथक राशि निर्धारित नहीं की गई, जो राज्य के हितों के साथ अन्याय है।
इसके अलावा उन्होंने परिसीमन के बाद विधानसभा सदस्यों की संभावित बढ़ोतरी का उल्लेख करते हुए नई विधानसभा भवन की आवश्यकता पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने न तो बजट में नई विधानसभा निर्माण के लिए कोई राशि निर्धारित की है और न ही इस संबंध में कोई स्पष्ट दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है, जो दूरदर्शिता की कमी को दर्शाता है।
सांसद सैलजा ने प्रश्न किया कि क्या भाजपा चुनावी लाभ के लिए हरियाणा के अधिकारों की अनदेखी कर रही है। उन्होंने बजट को ठोस योजनाओं के बजाय आंकड़ों की बाजीगरी और जुमलों का दस्तावेज बताते हुए सरकार से मांग की कि एसवाईएल नहर और नई विधानसभा भवन को लेकर अपनी स्पष्ट रणनीति सार्वजनिक करे।
उन्होंने कहा कि हरियाणा की जनता को इन महत्वपूर्ण प्रश्नों का स्पष्ट और ठोस उत्तर मिलना चाहिए।









