बिना एक्टिव सिम के नहीं चलेंगे WhatsApp, टेलीग्राम जैसे मैसेजिंग एप्स – ब्रह्मचारी कुलदीप शतरंज

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

1 मार्च 2026 से सारे देश मे सिम बाइंडिंग नियम लागू – कंप्यूटर पर वॉट्सएप जैसे एप्स 6 घंटे में ऑटोमैटिक लॉगआउट –

दिल्ली, 1 मार्च 2026 – पेरिस इंटरनेशनल ओलम्पिक से शतरंज एशिया महाद्वीप के महासचिव ब्रह्मचारी कुलदीप शतरंज ने बताया कि 1 मार्च 2026 से मैसेजिंग एप्स के लिए ‘सिम-बाइंडिंग’ नियम लागू हो गए हैं। भारत सरकार के इस नियम के बाद अब वॉट्सऐप, टेलीग्राम और सिग्नल जैसे मैसेजिंग एपस तभी काम करेंगे, जब फोन में वही सिम कार्ड एक्टिव मोड में लगा हो जिससे अकाउंट बनाया गया है।

इसके अलावा अगर आप कंप्यूटर पर वॉट्सएप जैसे एप्स चलाते हैं तो लॉगिन वॉट्सएप भी 6 घंटे में लॉगआउट हो जाएगा। पहले ये एक बार लॉगिन करने पर हफ्तों तक चलता था।

क्यों लिया गया यह फैसला –
अक्सर साइबर अपराधी सिम निकालकर केवल वाई-फाई के जरिए मैसेजिंग एप्स का इस्तेमाल कर धोखाधड़ी करते थे। अब सिम हटते ही ऐप अपने आप लॉगआउट हो जाएगा। इससे फ्रॉड रोकने में मदद मिलेगी।

भारत सरकार देशभर में SIM Binding को अनिवार्य करने जा रही है. इसका मतलब है कि अगर स्मार्टफोन से एक्टिव सिम निकाल दी और उस सिम कार्ड पर WhatsApp रजिस्टर्ड है तो वह भी बंद हो जाएगा. सिम बाइडिंग की मदद से सरकार साइबर ठग, क्रिमिनल और डिजिटल अरेस्ट करने वाले गैंग पर लगाम लगाना चाहती है।

दूरसंचार विभाग (DoT) टेलीकॉम साइबर सिक्योरिटी (TCS) नियम, 2024 के तहत अनिवार्य SIM बाइंडिंग लागू कर रहा है। हालांकि WhatsApp ने अभी इस संबंध में कोई ऑफिशियल जानकारी पोस्ट नहीं की है, लेकिन टेस्टिंग शुरू हो चुकी है।

1 मार्च 2026 से ‘सिम-बाइंडिंग’ लागू हो जाएगा. आसान भाषा में कहें तो इसका मतलब यह है कि जिस सिम कार्ड से अकाउंट बनाया गया है, अगर वह फोन से निकाल दिया जाता है, तो उस फोन में ऐप चलना बंद हो जाएगा।

सरकार ने क्यों लिया यह सख्त फैसला?
संचार मंत्री के अनुसार, यह फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा और धोखाधड़ी को रोकने के लिए लिया गया है।

Sim Binding India: लोग इंटरनेट पर चैट या कॉल करने के लिए जितने भी ऐप इस्तेमाल करते हैं, अब उनके लिए एक बड़ा बदलाव होने वाला है. दरअसल, 1 मार्च से ‘सिम-बाइंडिंग’ लागू हो जाएगा. आसान भाषा में कहें तो इसका मतलब यह है कि जिस सिम कार्ड से अकाउंट बनाया गया है, अगर वह फोन से निकाल दिया जाता है, तो उस फोन में ऐप चलना बंद हो जाएगा।

सरकार ने क्यों लिया यह सख्त फैसला –
यह फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा और धोखाधड़ी को रोकने के लिए लिया गया है। स्कैमर्स अक्सर दूसरों के नंबर का इस्तेमाल कर फर्जी कॉल और मैसेज भेजते हैं। सिम बाइंडिंग से यह सुनिश्चित होगा कि ऐप का इस्तेमाल वही व्यक्ति कर रहा है जिसके पास वह सिम कार्ड है।

कंपनियों ने जताई चिंता –
इंटरनेट कंपनियों (जैसे Meta, Google) का कहना है कि यह नियम तकनीकी रूप से काफी कठिन है. उन्होंने तर्क दिया है कि कई टैबलेट और लैपटॉप में सिम स्लॉट नहीं होते, वहां इन ऐप्स को चलाना मुश्किल हो जाएगा. इससे यूजर्स का अनुभव खराब हो सकता है. हालांकि, सरकार का मानना है कि यूजर एक्सपीरियंस से ज्यादा जरूरी देश की सुरक्षा है।

कंप्यूटर पर WhatsApp चलाने वालों के लिए नियम –
जो लोग WhatsApp का इस्तेमाल कंप्यूटर पर लिंक्ड डिवाइस के तौर पर करते हैं, उनका सेशन हर 6 घंटे में लॉग आउट हो जाएगा।

Bharat Sarathi
Author: Bharat Sarathi

Leave a Comment

और पढ़ें