नागरिक सहभागिता बढ़ाने और विकास कार्यों को गति देने की पहल
गुरुग्राम, 28 फरवरी। हरियाणा नगर निगम अधिनियम-1994 और म्यूनिसिपल सिटिजन पार्टिसिपेशन एक्ट-2008 के प्रावधानों के तहत नगर निगम गुरुग्राम ने शहर के सभी 36 वार्डों के लिए वार्ड समितियों के गठन का आदेश जारी किया है। यह निर्णय 29 जनवरी 2026 को आयोजित निगम बैठक में लिया गया था। इन समितियों का मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करना, विकास कार्यों की निगरानी करना तथा सरकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुँचाना है।
स्वच्छता और ठोस कचरा प्रबंधन पर रहेगा विशेष जोर
वार्ड समितियाँ अपने क्षेत्र में ठोस कचरा प्रबंधन में सहयोग देंगी तथा सफाई व्यवस्था की निगरानी करेंगी। इसके साथ ही स्वच्छता संबंधी कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन में प्रशासन की मदद करेंगी।
विकास योजनाओं की तैयारी, क्रियान्वयन और निगरानी
समितियाँ वार्ड स्तर पर विकास योजनाओं की तैयारी, योजनाएं लागू करने और उनकी निगरानी में सहयोग करेंगी। स्थानीय स्तर पर नवाचार, पहल और सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) को भी प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन हो सके।
सामाजिक सौहार्द और जनभागीदारी को बढ़ावा
समिति का एक महत्वपूर्ण कार्य विभिन्न समुदायों के बीच सद्भाव और एकता बनाए रखना होगा। साथ ही सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों के लिए स्वैच्छिक श्रम, दान और जनसहभागिता को बढ़ावा दिया जाएगा।
सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों की पहचान में सहयोग
वार्ड समितियाँ विकास और कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों की पहचान करने में प्रशासन की सहायता करेंगी, ताकि योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुँच सके।
सांस्कृतिक, खेल और सामाजिक गतिविधियों को मिलेगा प्रोत्साहन
स्थानीय स्तर पर कला, संस्कृति, खेलकूद और सामुदायिक कार्यक्रमों को बढ़ावा देने में भी समितियाँ सक्रिय भूमिका निभाएंगी।
राजस्व संग्रह और सार्वजनिक सुविधाओं की देखरेख
समितियाँ नगर निगम के कर, शुल्क और अन्य बकाया की समय पर वसूली में सहयोग करेंगी। इसके अलावा पार्क, खेल मैदान, सड़कें और स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत सुविधाओं के रखरखाव की निगरानी भी करेंगी।
स्वास्थ्य सेवाओं और आपदा प्रबंधन में सहयोग
क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्रों की गतिविधियों में सहायता, रोगों की रोकथाम, परिवार कल्याण कार्यक्रम तथा महामारी या प्राकृतिक आपदा की स्थिति में रिपोर्टिंग और प्रबंधन में भी समिति की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
मेयर राजरानी मल्होत्रा ने कहा कि वार्ड समितियाँ अपने वार्ड विकास योजनाओं और बजट की तैयारी में मदद करेंगी तथा निर्धारित समय सीमा में कार्य पूर्ण कराएंगी। साथ ही वार्ड के आधारभूत ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) का सूचकांक तैयार किया जाएगा और समय-समय पर नगर निगम को रिपोर्ट सौंपी जाएगी। वार्ड समितियाँ अधिनियम के क्रियान्वयन से संबंधित मामलों पर नियमित रिपोर्ट देंगी तथा निगम द्वारा सौंपे गए अन्य कार्य भी संपादित करेंगी।
नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया ने आदेश जारी करते हुए कहा कि वार्ड समितियाँ स्थानीय स्तर पर सुशासन, पारदर्शिता और नागरिक सहभागिता को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।









