निगमायुक्त प्रदीप दहिया की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी भी रहे उपस्थित

गुरुग्राम, 26 फरवरी। शहर में बायोमेडिकल वेस्ट के सुरक्षित और वैज्ञानिक निस्तारण को लेकर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के सदस्यों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। निगम कार्यालय में निगमायुक्त प्रदीप दहिया की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों को बायोमेडिकल कचरे के नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए।
सार्वजनिक स्थानों पर मेडिकल कचरा फेंकना अत्यंत खतरनाक
बैठक में यह गंभीर चिंता व्यक्त की गई कि कुछ अस्पताल एवं क्लीनिक बायोमेडिकल वेस्ट को सार्वजनिक स्थानों पर फेंक देते हैं, जो कि अत्यंत हानिकारक है। इस प्रकार का कचरा संक्रमण फैलाने, पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने और आम नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।
अधिकृत वेंडर को ही सौंपना होगा मेडिकल वेस्ट
अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी अस्पताल, नर्सिंग होम, क्लीनिक और लैब अपने बायोमेडिकल वेस्ट को केवल अधिकृत वेंडर को ही सौंपें। इसके लिए संबंधित संस्थानों को अधिकृत एजेंसी के साथ विधिवत एग्रीमेंट करना अनिवार्य होगा।
बल्क वेस्ट जनरेटर के लिए भी सख्त नियम
बैठक में यह भी कहा गया कि सभी बल्क वेस्ट जनरेटर जैसे बड़े अस्पताल, डायग्नोस्टिक सेंटर और अन्य स्वास्थ्य संस्थान, अपने कचरे के उचित निस्तारण के लिए स्वयं जिम्मेदार होंगे। उन्हें निर्धारित मानकों के अनुसार कचरे का पृथक्करण, संग्रहण और निपटान सुनिश्चित करना होगा।
नियमों के उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नागरिकों से भी अपील की गई कि यदि कहीं मेडिकल कचरा खुले में पड़ा दिखे तो तुरंत सूचित करें। स्वच्छ और सुरक्षित शहर के लिए बायोमेडिकल वेस्ट का सही निस्तारण अत्यंत आवश्यक है।







