फर्रुखनगर–डाबोदा मार्ग पर 1.5 किमी हिस्से में बड़े स्तर पर अतिक्रमण हटाया गया

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लगभग 100 अतिक्रमण हटाए गए; सड़क की चौड़ाई में 35 फीट की अतिरिक्त वृद्धि की गई।

पांच दिवसीय कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार का विरोध प्रदर्शन नहीं हुआ और जनभागीदारी से कार्य सुचारू रूप से संपन्न हुआ;

7 करोड़ रुपये की परियोजना से 10 महीनों में रोड कनेक्टिविटी और यात्रियों की सुरक्षा में सुधार होगा।

गुरुग्राम, 25 फरवरी: सड़क अवसंरचना में सुधार करने और लंबे समय से चली आ रही ट्रैफ़िक की समस्या को हल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए फर्रुखनगर–डाबोदा रोड पर 1.5 किलोमीटर लंबे हिस्से में व्यापक अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। यह अभियान ड्यूटी मजिस्ट्रेट एवं अतिक्रमण नोडल अधिकारी श्री आर. एस. बाठ के नेतृत्व में संपन्न हुआ। पांच दिनों तक चली यह कार्रवाई क्षेत्र की अब तक की सबसे लंबी और व्यापक इंर्फोसमेंट कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है, जिसमें आम लोगों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।

इस अभियान में सड़क का 1.5 किलोमीटर लंबा हिस्सा शामिल था, जिसकी पहले उपलब्ध चौड़ाई लगभग 35-40 फीट थी, जबकि राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार विभिन्न स्थानों पर आवश्यक चौड़ाई 60-66 फीट थी। भारी यातायात दबाव और प्रतिदिन लगने वाले जाम के कारण स्थानीय निवासियों एवं यात्रियों को कई वर्षों से असुविधा का सामना करना पड़ रहा था।

कार्रवाई से पहले, राजस्व विभाग द्वारा सीमांकन (डिमार्केशन) किया गया और अतिक्रमण से संबंधित सभी संबंधित पक्षों को जानकारी दी गई। अभियान के दौरान, कुछ प्रभावित व्यक्तियों द्वारा उठाई गई शिकायतों का प्रशासन द्वारा मौके पर ही समाधान किया गया और सीमांकन के संबंध में स्पष्टीकरण प्रदान किए गए, जिसके परिणामस्वरूप जनता ने इसे व्यापक रूप से स्वीकार किया।

इस अभियान में फारुखनगर नगर समिति, राजस्व विभाग, पुलिस विभाग, अग्निशमन सेवा और एम्बुलेंस टीम ने समन्वित प्रयास किए। कानून-व्यवस्था बनाए रखने रखने के लिए फर्रुखनगर के थाना प्रभारी सहित लगभग 100 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। डेमोलेशन कार्य पांच दिनों तक प्रतिदिन 8–9 घंटे तक दो जेसीबी मशीनों एवं एक पोकलेन मशीन की सहायता से कार्रवाई की गई।

इस अभियान के दौरान लगभग 100 अवैध इमारतों को हटाया गया, जिनमें नौ तीन-चार मंजिला इमारतें और लगभग 30 दो मंजिला इमारतें शामिल थीं। इस कार्रवाई से सड़क की चौड़ाई में अतिरिक्त 35 फीट स्थान उपलब्ध कराया गया। खास बात यह है कि कई संपत्ति मालिकों ने स्वेच्छा से दुकानों और किराए के परिसरों से सामग्री हटाई, जबकि कई निवासियों ने प्रक्रिया और सीमांकन के विवरण के बारे में आश्वस्त होने के बाद कटर मशीनों का उपयोग करके आंशिक डेमोलेशन का काम स्वयं किया।

प्रशासनिक टीम ने निवासियों से बातचीत करने और सहयोग को प्रोत्साहित करने के लिए पिछले महीने में कई बार घटनास्थल का दौरा किया था। इस अभियान में कोई हंगामा नहीं हुआ और कई स्थानीय निवासियों ने संतुलित और पारदर्शी कार्रवाई की सराहना की।

इस अभियान के दौरान मौजूद अधिकारियों में फर्रुखनगर नगर समिति के सचिव राजेश शर्मा, एसडीओ योगेश राठी, जेई प्रदीप, लगभग 20 कर्मचारियों की एक नगर निगम टीम और पटवारी योगेश सैनी सहित राजस्व अधिकारी शामिल थे।

अब फारुखनगर नगर समिति द्वारा इस सड़क का विकास लगभग 7 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 10 महीने की अवधि में किया जाएगा, जिसमें फुटपाथ, ग्रीन बेल्ट और बेहतर कैरिज लेन के प्रावधान शामिल होंगे ताकि यात्रियों के लिए सुरक्षित और सुगम कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जा सके।

“यह इस क्षेत्र में अपनी तरह की पहली व्यापक कार्रवाई है जिसे जनभागीदारी से अंजाम दिया गया है। इस महत्वपूर्ण सड़क के चौड़ीकरण से लाखों यात्रियों को राहत मिलेगी। प्रशासन सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए इस तरह के उपाय करता रहेगा और नागरिकों के साथ पारदर्शी रूप से संवाद बनाए रखेगा,” श्री आर. एस. बाठ, ने कहा।

इस अभियान के सफल क्रियान्वयन से प्रशासनिक कार्रवाई में जनता का विश्वास मजबूत हुआ है, और स्थानीय निवासियों ने उन अतिरिक्त क्षेत्रों की भी पहचान की है जहां इसी तरह के इंर्फोसमेंट अभियान की आवश्यकता हो सकती है।

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Author: Bharat Sarathi

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