डीसी अजय कुमार ने मेला प्रबंधन से जुड़े विभागों को सौंपी जिम्मेदारियां
गुरुग्राम, 16 फरवरी। गुरुग्राम के श्री शीतला माता मंदिर में 5 मार्च से 3 अप्रैल तक चैत्र मेले का आयोजन किया जाएगा। इस मेले के आयोजन को लेकर श्री माता शीतला देवी श्राइन बोर्ड ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। डीसी अजय कुमार ने चैत्र मेले के आयोजन को लेकर सोमवार को मंदिर परिसर में संबंधित अधिकारियों तथा बोर्ड के सदस्यों की बैठक ली। इस दौरान श्री माता शीतला देवी मंदिर श्राइन बोर्ड तथा जिला परिषद के सीईओ सुमित कुमार भी मौजूद रहे।
बैठक में डीसी अजय कुमार ने कहा कि यह मंदिर न केवल हरियाणा बल्कि पूरे उत्तर भारत के श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का केंद्र है। चैत्र मेले के दौरान यहां भारी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना रहती है, जिसे देखते हुए प्रशासन को पहले से ही व्यापक और सुव्यवस्थित योजना बनानी होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भीड़ प्रबंधन, स्वच्छता, सुरक्षा, यातायात और मूलभूत सुविधाओं को एकीकृत रूप से देखा जाए, ताकि किसी भी स्तर पर अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो। विशेषकर सप्ताहांत और सोमवार-मंगलवार को अधिक भीड़ की संभावना को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल, बैरिकेडिंग और स्वयंसेवकों की तैनाती सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक विभाग अपनी जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से तय करे और आपसी समन्वय के साथ कार्य करे, ताकि मेले का आयोजन सुव्यवस्थित और सफल हो सके।
डीसी ने बैठक में निर्देश दिए कि गुरुग्राम पुलिस, गृह रक्षी बल तथा मंदिर की प्राइवेट सिक्योरिटी सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेंगे। मेले के दिनों में मंदिर में साज सज्जा के साथ सफाई व्यवस्था का पूरा ध्यान रखा जाए तथा श्रद्धालुओं के लिए अस्थाई व मोबाइल शौचालयों तथा पेयजल आदि की पूरी व्यवस्था होगी। इनके लिये उन्होंने जिम्मेदारियां भी सौंपी।
डीसी ने यह भी कहा कि मेले के दिनों में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से मंदिर परिसर में मेडिकल पोस्ट स्थापित की जाएगी, जहां पर 24 घंटे स्वास्थ्य कर्मियों की ड्यूटी रहेगी। इसके अलावा, एंबुलेंस भी 24 घंटे उपलब्ध रहेंगी ताकि किसी को भी स्वास्थ्य संबंधी ज्यादा दिक्कत होने पर नजदीकी अस्पताल में जल्द से जल्द पहुंचाया जा सके। उन्होंने कहा कि मेला के दिनों में फायर ब्रिगेड के वाहन भी 24 घंटे उपलब्ध रहेंगे।
डीसी ने बैठक में उपस्थित पुलिस विभाग के अधिकारियों को मेला के दिनों के लिए ट्रैफिक प्लान तैयार करने के लिए भी कहा है ताकि उन दिनों में मंदिर तक श्रद्धालुओं को पहुंचने में दिक्कत ना आए, श्रद्धालुओं के वाहनों की पार्किंग की पूरी व्यवस्था हो और शहरवासियों को भी मंदिर के आसपास ट्रैफिक जाम की समस्या का सामना ना करना पड़े। उन्होंने कहा कि मेले के दौरान प्रसाद विक्रेताओं की दुकानों व मुंडन वाले स्थानों पर निर्धारित रेट लिस्ट के बोर्ड लगाए जाएं।
इस अवसर पर नगर निगम गुरुग्राम के संयुक्त आयुक्त रविंद्र मलिक, एसीपी ट्रैफिक सुखबीर सिंह, टेंपल ऑफिसर यज्ञदत्त शर्मा, पंकज कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम गुरुग्राम व अन्य विभागों के अधिकारीगण उपस्थित थे।
सीईओ सुमित कुमार ने लिया व्यवस्थाओं का जायजा
जिला परिषद के सीईओ सुमित कुमार ने मंदिर परिसर तथा मुख्य प्रवेश द्वार के बाहर यातायात व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंदिर के बाहर फुटपाथ क्षेत्र में कांवड़ यात्रा की तर्ज पर रस्सियों और मजबूत बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जाए, ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही सुव्यवस्थित ढंग से हो सके। उन्होंने पैदल श्रद्धालुओं और वाहनों के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित करने, दिशा-सूचक बोर्ड लगाने तथा भीड़ वाले स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश भी दिए। इसके साथ ही उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि वे मेले के दौरान अन्य वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग करें ताकि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं तथा शहरवासियों की किसी प्रकार की असुविधा ना हो।







