“गुरुग्राम में बिना NOC और मान्यता के चल रहे स्कूलों पर कार्रवाई कब? – इंजीनियर गुरिंदरजीत सिंह”

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“पंचकूला के निर्देश फाइलों तक सीमित क्यों? अवैध स्कूलों पर प्रशासन मौन – गुरिंदरजीत सिंह”

“शिक्षा माफिया का डर या प्रशासनिक मिलीभगत? गैर-मान्यता स्कूलों पर सवाल – गुरिंदरजीत सिंह”

“बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ बंद हो, बिना फायर NOC स्कूलों पर तुरंत कार्रवाई हो – गुरिंदरजीत सिंह”

गुरुग्राम। गुरुग्राम के समाजसेवी इंजीनियर गुरिंदरजीत सिंह (अर्जुन नगर) ने जिले में बिना अनुमति, बिना मान्यता और बिना फायर NOC के संचालित हो रहे स्कूलों पर प्रशासन की निष्क्रियता को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि माननीय हाईकोर्ट तथा राज्य शिक्षा निदेशालय पंचकूला के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद गैर-मान्यता प्राप्त स्कूल धड़ल्ले से चल रहे हैं और नए स्कूल भी खुलते जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि बार-बार आदेश जारी होने के बावजूद जिला प्रशासन इन स्कूलों को बंद कराने में असफल क्यों है? क्या यह प्रशासनिक नाकामी है, शिक्षा माफिया का दबाव है या फिर किसी प्रकार की मिलीभगत?

गुरिंदरजीत सिंह ने आरोप लगाया कि कई रसूखदार लोग अपने कार्यक्रमों में नेताओं, मंत्रियों और प्रशासनिक अधिकारियों को मुख्य अतिथि के रूप में बुलाकर संरक्षण प्राप्त कर लेते हैं, जिसके कारण उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हो पाती। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रीन बेल्ट और पर्यावरण संरक्षित जमीनों पर कब्जे कर स्कूल चलाए जा रहे हैं, लेकिन प्रशासन मौन बना हुआ है।

उन्होंने विशेष रूप से बिना फायर NOC के संचालित स्कूलों पर चिंता जताते हुए कहा कि कई कॉलोनियों की तंग गलियों में 50-100 गज के प्लॉटों में स्कूल चलाए जा रहे हैं, जो बच्चों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं। यदि कोई हादसा हो गया तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?

उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ बड़े स्कूल संचालकों ने एक-दो स्कूलों की मान्यता लेकर उसी नाम से अलग-अलग कॉलोनियों में कई शाखाएं खोल रखी हैं, जिनमें से कई गैर-मान्यता प्राप्त हैं। अभिभावकों को मान्यता प्राप्त शाखाओं की गतिविधियां दिखाकर अन्य गैर-मान्यता शाखाओं में दाखिला दिलाया जाता है, जिससे वे भ्रमित और ठगे जाते हैं।

इसके अतिरिक्त, स्कूल बसों और वैन की अवैध पार्किंग से सड़कों पर जाम की स्थिति बनती है, लेकिन प्रशासन की कार्रवाई केवल रेहड़ी-पटरी वालों तक सीमित रहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीबों पर सख्ती और रसूखदारों पर नरमी की दोहरी नीति अपनाई जा रही है।

उन्होंने कहा कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 समाप्ति की ओर है और 2026-27 के दाखिले शुरू होने वाले हैं। ऐसे में गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों पर तुरंत कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि अभिभावक अपने बच्चों का भविष्य जोखिम में न डालें।

गुरिंदरजीत सिंह ने प्रशासन से मांग की कि जिले में संचालित सभी अवैध, गैर-मान्यता प्राप्त और बिना फायर NOC वाले स्कूलों की सूची सार्वजनिक की जाए तथा शीघ्र प्रभाव से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

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Author: Bharat Sarathi

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