चीनी मूल के साइबर ठगों को कॉलिंग सहायता देने के लिए किराए के मकान में लगाया था वर्चुअल सिम बॉक्स, 7 मोबाइल सहित अन्य उपकरण बरामद
गुरुग्राम, 16 फरवरी 2026। गुरुग्राम पुलिस ने Indian Cyber Crime Coordination Centre (गृह मंत्रालय) के साथ मिलकर संयुक्त कार्रवाई करते हुए चीनी मूल के साइबर ठगों को कॉलिंग सहायता देने वाली एक महिला को गिरफ्तार किया है। आरोपित महिला अपने पति के साथ मिलकर सेक्टर-28 स्थित किराए के मकान में वर्चुअल सिम बॉक्स लगाकर अवैध समानांतर दूरभाष विनिमय (टेलीफोन एक्सचेंज) संचालित कर रही थी।
ऐसे संचालित हो रहा था ठगी का जाल
10 फरवरी 2026 को साइबर अपराध थाना पूर्व, गुरुग्राम को विश्वसनीय स्रोतों से सूचना मिली कि सेक्टर-28 में एक मकान से अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट कॉल (वीओआईपी) को स्थानीय कॉल में परिवर्तित कर साइबर ठगी को अंजाम दिया जा रहा है। यह अत्याधुनिक वर्चुअल सिम बॉक्स प्रणाली थी, जिसके माध्यम से विदेश में बैठे साइबर अपराधी भारतीय नागरिकों को “डिजिटल गिरफ्तारी”, ऑनलाइन गेमिंग और निवेश के नाम पर ठगी का शिकार बना रहे थे।
पुलिस के अनुसार, इस प्रकार की अवैध वीओआईपी कॉल रूटिंग देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है, क्योंकि इसी तकनीक का दुरुपयोग आतंकवादी एवं राष्ट्रविरोधी तत्व भी संपर्क साधने के लिए कर सकते हैं।
तकनीकी विश्लेषण के आधार पर छापेमारी
सहायक पुलिस आयुक्त (साइबर अपराध) प्रियांशु दीवान, एचपीएस के नेतृत्व में निरीक्षक अमित एवं साइबर थाना पूर्व की टीम ने तकनीकी विश्लेषण के आधार पर 10 फरवरी को उक्त स्थान पर छापेमारी की।
छापेमारी के दौरान चौथी मंजिल पर स्थित किराए के मकान में तीन मोबाइल फोन चालू अवस्था में पाए गए, जो स्वतः विभिन्न भारतीय नंबरों पर कॉल कर रहे थे। एक कॉल समाप्त होते ही दूसरी कॉल अपने-आप लग रही थी। मोबाइल की स्क्रीन पर “वीडीएमएस” नामक अनुप्रयोग संचालित होता पाया गया। मौके से एक महिला को हिरासत में लिया गया, जिसकी पहचान कुंग पानमे (30 वर्ष), मूल निवासी दीमापुर (नागालैंड) तथा वर्तमान निवासी सेक्टर-28, गुरुग्राम के रूप में हुई।
पति के साथ मिलकर करती थी संचालन
पूछताछ में आरोपित महिला ने बताया कि वह अपने पति के साथ मिलकर चीनी मूल के साइबर ठगों के लिए वर्चुअल सिम बॉक्स प्रणाली संचालित करती थी। उसका कार्य मोबाइल फोनों को लगातार चार्ज रखना और वाई-फाई के माध्यम से नेटवर्क से जोड़े रखना था।
इस व्यवस्था के माध्यम से विदेश में बैठे साइबर अपराधी भारतीय नागरिकों को कॉल कर डिजिटल गिरफ्तारी, गेमिंग तथा निवेश योजनाओं के नाम पर ठगी करते थे। इसके बदले उसके पति को कमीशन प्राप्त होता था।
बरामद सामग्री
पुलिस ने आरोपित महिला के कब्जे से निम्न सामग्री बरामद की है—
- 07 मोबाइल फोन (03 स्मार्टफोन, 01 की-पैड फोन, 03 क्षतिग्रस्त फोन)
- 01 वाई-फाई मॉडेम
- 03 सिम कार्ड
- 01 क्षतिग्रस्त लैपटॉप
महिला को 11 फरवरी 2026 को विधि अनुसार गिरफ्तार कर प्रकरण में शामिल किया गया। मामले की जांच जारी है।
साइबर अपराध के विरुद्ध सख्त अभियान
गुरुग्राम पुलिस ने स्पष्ट किया है कि बढ़ते साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए निरंतर अभियान चलाया जा रहा है। आम नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध कॉल, डिजिटल गिरफ्तारी के दावे या आकर्षक निवेश प्रस्ताव से सावधान रहें तथा तत्काल साइबर अपराध हेल्पलाइन पर सूचना दें।






