मानसिक स्वास्थ्य और मनोवैज्ञानिक हस्तक्षेपों पर विशेषज्ञों ने साझा किए विचार
गुरुग्राम, 16 फरवरी (प्रमोद कौशिक)। श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में सोमवार को दो दिवसीय साइकोलॉजी कॉन्क्लेव 2026 का शुभारंभ हुआ। कॉन्क्लेव में मनोविज्ञान क्षेत्र के अनेक विशेषज्ञों ने भाग लेकर मानसिक स्वास्थ्य एवं मनोवैज्ञानिक हस्तक्षेप जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन मंथन किया।
कार्यशाला में भारतीय मनोविज्ञान, आत्म-संकल्पना, समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण तथा प्रमुख मनोवैज्ञानिकों के योगदान जैसे विविध आयामों पर चर्चा की गई। ट्रांजिट कैंपस की निदेशक प्रोफेसर सुजाता शाही एवं डीन प्रोफेसर सुचित्रा वशिष्ठ ने अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान किया।
प्रोफेसर सुजाता शाही ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषय पर चर्चा के लिए यह कॉन्क्लेव एक महत्वपूर्ण मंच सिद्ध होगा, जिससे विद्यार्थियों को अकादमिक रूप से भी व्यापक लाभ मिलेगा। वहीं डीन प्रोफेसर सुचित्रा वशिष्ठ ने मानसिक स्वास्थ्य की जीवन में अहम भूमिका पर बल देते हुए समाज में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि इस आयोजन से विद्यार्थियों का दृष्टिकोण अधिक विस्तृत और संवेदनशील बनेगा।
कॉन्क्लेव में डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज के मनोविज्ञान विभाग के प्रोफेसर नवीन कुमार की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने भारतीय मनोविज्ञान, आत्म-संकल्पना और समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण पर व्याख्यान देते हुए विद्यार्थियों को व्यवहारिक जीवन में आने वाली मानसिक चुनौतियों के समाधान से अवगत कराया।
इसके अतिरिक्त महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग की प्रोफेसर शालिनी सिंह ने शैक्षणिक परिवेश में संरचित एवं प्रमाण-आधारित मनोवैज्ञानिक हस्तक्षेपों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ऐसे हस्तक्षेप छात्रों में भावनात्मक संतुलन, उदारता और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को बढ़ाने में सहायक होते हैं।
बहु-विषयक दृष्टिकोण को जोड़ते हुए मैटकनेक्ट कंसल्टिंग की प्रबंध निदेशक डॉ. अपराजिता प्रसाद ने अपने अनुभव साझा किए। वहीं ओंटारियो, कनाडा की स्वास्थ्य पेशेवर श्रिया वशिष्ठ ऑनलाइन माध्यम से सत्र में शामिल हुईं।
सत्र का मुख्य उद्देश्य छात्रों द्वारा सामना की जाने वाली मानसिक स्वास्थ्य चुनौतियों का विश्लेषण करना तथा मनोसामाजिक और व्यक्तिगत क्षमताओं को सुदृढ़ करने हेतु सार्थक एवं प्रमाण-आधारित उपायों की पहचान करना रहा। वक्ताओं ने विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य सुधार के व्यावहारिक उपाय भी बताए।
इस अवसर पर डॉ. शिवकुमार, डॉ. गुरप्रीत कौर, अंजु, कोमल, जया और सुमन सहित अनेक शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।






