अहीरवाल की अधूरी परियोजनाओं पर विशेष बजट की मांग, विद्रोही ने सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाया

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गुरुग्राम/रेवाड़ी/महेन्द्रगढ़, 15 फरवरी 2026। स्वयंसेवी संस्था ‘ग्रामीण भारत’ के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने हरियाणा के मुख्यमंत्री से मांग की है कि बजट 2026 में अहीरवाल क्षेत्र की पिछले दस वर्षों से आधी-अधूरी पड़ी सभी विकास परियोजनाओं के लिए पर्याप्त राशि का विशेष प्रावधान किया जाए, ताकि चालू वित्त वर्ष में ही इन परियोजनाओं को पूर्ण किया जा सके।

विद्रोही ने आरोप लगाया कि भाजपा के पिछले 11 वर्षों के शासन का गहन विश्लेषण यह दर्शाता है कि पार्टी की कथनी और करनी में स्पष्ट अंतर है। उन्होंने कहा कि भाजपा अपनी घोषणाओं और वादों को लोकतांत्रिक भावना से पूरा करने के बजाय जुमलेबाजी के सहारे जनता को भ्रमित करती है और केवल वोट बैंक की राजनीति करती है। सरकार नई-नई विकास एवं समाज कल्याण की योजनाओं की घोषणाएं तो करती है, लेकिन उन्हें पूरा करने के लिए पर्याप्त बजट आवंटित नहीं करती।

उन्होंने विशेष रूप से अहीरवाल क्षेत्र के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि 2014 से लगातार भाजपा को एकतरफा जनसमर्थन मिलने के बावजूद क्षेत्र की उपेक्षा की जा रही है। विद्रोही के अनुसार, राजनीतिक कारणों से क्षेत्रीय नेतृत्व को कमजोर दिखाने के उद्देश्य से पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर तथा वर्तमान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी—दोनों ने अहीरवाल के प्रति द्वेषपूर्ण व्यवहार किया है।

उन्होंने प्रश्न उठाया कि यदि बजट 2026 में भी अहीरवाल के तीनों जिलों—गुरुग्राम, रेवाड़ी और महेन्द्रगढ़—की लंबित विकास परियोजनाओं के लिए पर्याप्त प्रावधान नहीं किया गया, तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि सरकार क्षेत्र के प्रति उदासीन है।

विद्रोही ने अहीरवाल की जनता से भी अपील की कि यदि इस वर्ष के बजट में क्षेत्र की अधूरी परियोजनाओं के लिए समुचित धनराशि का आवंटन नहीं होता, तो वे आंख मूंदकर किसी भी दल का समर्थन न करें और अपने हितों के प्रति सजग रहें।

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Author: Bharat Sarathi

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