चंडीगढ़, 3 फरवरी। हरियाणा में मनरेगा के मूल स्वरूप में प्रस्तावित बदलावों के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने तेज विरोध जताया है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को केंद्र सरकार द्वारा नए कानून ‘विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ यानी VB-G RAM G से प्रतिस्थापित करने के फैसले के बाद से ही यह विवाद गरमाया हुआ है। कांग्रेस का आरोप है कि यह बदलाव योजना के अधिकार-आधारित और मांग-प्रेरित ढांचे को कमजोर कर ग्रामीण भारत के गरीब मजदूरों के हक छीनने की साजिश है।
हरियाणा कांग्रेस का राज्यव्यापी आंदोलन
हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने बताया कि प्रदेश के समस्त जिला मुख्यालयों पर 31 जनवरी से 6 फरवरी के बीच मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत जिला स्तरीय धरने आयोजित किया जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनके नेतृत्व में 5 फरवरी को भिवानी में सुबह 11 बजे और जींद जिले में दोपहर बाद 1:00 बजे धरना दिया जाएगा और संबंधित जिलों के उपायुक्तों को माननीय राष्ट्रपति महोदय के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का स्पष्ट उद्देश्य मनरेगा के मूल स्वरूप की रक्षा करना तथा ग्रामीण श्रमिकों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को केंद्र सरकार तक पहुंचाना है। पार्टी का कहना है कि मनरेगा कोई साधारण योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण परिवारों के लिए कानूनी अधिकार है, जो 100 दिनों का गारंटीड रोजगार प्रदान करता था। नए कानून में इसे 125 दिनों तक बढ़ाने का दावा किया गया है, लेकिन कांग्रेस इसे केंद्रित नियंत्रण, बजट सीमाओं और मौसमी प्रतिबंधों के साथ कमजोर बनाने का प्रयास मानती है।







