मनरेगा बचाओ संग्राम: कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन, DC कार्यालय पर हंगामा

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मेवा सिंह बोले—केंद्र मनरेगा को कमजोर कर रही • अशोक अरोड़ा का आरोप—सरकार को गांव नहीं, अडानी-अंबानी की चिंता

कुरुक्षेत्र, 3 फरवरी (प्रमोद कौशिक): जिले में कांग्रेस पार्टी ने “मनरेगा बचाओ” संग्राम के तहत जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की अगुवाई जिला कांग्रेस अध्यक्ष मेवा सिंह ने की। इस दौरान थानेसर विधायक अशोक अरोड़ा, पूर्व सांसद कैलाशो सैनी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता जिला उपायुक्त (DC) कार्यालय पहुंचे। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर की गई, जिसके बाद कार्यकर्ताओं ने केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष मेवा सिंह ने आरोप लगाया कि मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) ग्रामीण गरीबों, मजदूरों, किसानों और बेरोजगारों के लिए सबसे बड़ा सहारा है, लेकिन हाल के समय में काम कम मिलना, मजदूरी भुगतान में देरी, कार्यों पर रोक और बजट कटौती जैसी समस्याओं ने हजारों श्रमिकों को आर्थिक संकट में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार मनरेगा को धीरे-धीरे कमजोर कर रही है, जिससे ग्रामीण इलाकों में बेरोजगारी बढ़ रही है। “मनरेगा सिर्फ रोजगार योजना नहीं, बल्कि गरीबों की जिंदगी से जुड़ी जीवनरेखा है,” उन्होंने कहा।

थानेसर विधायक अशोक अरोड़ा ने कहा कि गांव से पलायन रोकने और मजदूरों को काम का अधिकार देने के उद्देश्य से यूपीए सरकार राहुल गांधी की पहल पर यह कानून लेकर आई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि “मोदी सरकार को गांव के लोग नहीं, बल्कि अडानी-अंबानी चाहिए।” अरोड़ा ने यह भी कहा कि नए प्रावधानों के तहत 40% हिस्सेदारी राज्य सरकारों पर डालना अनुचित है, क्योंकि वे पहले ही आर्थिक बोझ से दबी हुई हैं।

पूर्व सांसद कैलाशो सैनी ने कहा कि मनरेगा का सीधा असर गांवों की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। जब काम रुकते हैं तो गरीब परिवारों की आय बंद हो जाती है, जिससे घर का खर्च, बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो जाता है।

ज्ञापन सौंपने को लेकर हंगामा

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सुबह 10 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक DC कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। करीब 12:40 बजे पदाधिकारी ज्ञापन सौंपने पहुंचे, लेकिन लंबे इंतजार के बावजूद जिला उपायुक्त मौके पर नहीं पहुंचे। इससे नाराज कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।

स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब कार्यकर्ता DC कार्यालय की ओर बढ़ने लगे और पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, जिससे धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। कुछ देर बाद अतिरिक्त जिला उपायुक्त मौके पर पहुंचे, जिसके बाद कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें ज्ञापन सौंप दिया।

अशोक अरोड़ा ने कहा कि पूर्व सूचना के बावजूद जिला उपायुक्त का उपस्थित न होना प्रशासन की जनता के प्रति जिम्मेदारी पर सवाल खड़े करता है।

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Author: Bharat Sarathi

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