शिक्षा से ही समाज और राष्ट्र का भविष्य उज्ज्वल : राजेश नागर, गुर्जर धर्मशाला को 21 लाख देने की घोषणा

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गुर्जर धर्मशाला के 44वें स्थापना समारोह में राज्यमंत्री का आह्वान, समाज सुधार के लिए शोक अवधि 13 से घटाकर 7 दिन करने की अपील

कुरुक्षेत्र, (संजीव कुमारी) 3 फरवरी : हरियाणा के खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के राज्यमंत्री राजेश नागर ने गुर्जर समाज से अपने बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने का आह्वान करते हुए कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है, जिससे समाज, प्रदेश और देश का नाम रोशन होता है। एक शिक्षित व्यक्ति समाज को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

मंगलवार को गुर्जर धर्मशाला के 44वें स्थापना समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए राज्यमंत्री नागर ने धर्मशाला के विकास के लिए अपने निजी कोष से 21 लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने समाज के हर कार्य में सहयोग का भरोसा भी दिलाया। साथ ही धर्मशाला से सटी रेलवे भूमि और कोचिंग सेंटर के लिए सेक्टर में प्लॉट की मांग को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के समक्ष रखकर पूरा करवाने का आश्वासन दिया।

राज्यमंत्री ने कहा कि कुरुक्षेत्र प्रदेश की “सीएम सिटी” है और यहां के विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री कभी मना नहीं करते। गुर्जर समाज की मांगों को भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाएगा। उन्होंने कुरुक्षेत्र की गुर्जर धर्मशाला को प्रदेश की सबसे बड़ी धर्मशाला बताते हुए इसे अन्य संस्थाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

समाज सुधार पर जोर देते हुए राजेश नागर ने मरणोपरांत शोक अवधि को 13 दिनों की बजाय 7 दिनों तक सीमित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पहले संचार साधनों के अभाव में लोगों को सूचना पहुंचने में समय लगता था, लेकिन आज तकनीक के दौर में सूचना तुरंत मिल जाती है, इसलिए परंपराओं में समयानुकूल बदलाव आवश्यक है।

पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा ने कहा कि वर्ष 1983 में लगाया गया गुर्जर धर्मशाला का पौधा आज वटवृक्ष बन चुका है। बुजुर्गों के संस्कार और समर्पण इसकी हर ईंट में झलकते हैं। शहर में किसी भी बड़े आयोजन में धर्मशालाएं सरकार और प्रशासन का अपेक्षा से अधिक सहयोग करती हैं। उन्होंने धर्मशाला की मांगों को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का भरोसा दिलाया।

गुर्जर धर्मशाला के प्रधान ऋषिपाल कसाना ने बताया कि धर्मशाला में युवाओं के लिए छात्रावास और कंप्यूटरीकृत लाइब्रेरी की व्यवस्था की गई है, साथ ही रहने और भोजन की सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। उन्होंने समाज के निरंतर सहयोग के लिए सभी का आभार व्यक्त किया।

गुर्जर नेता राव सुरेंद्र सिंह ने सुझाव दिया कि कुरुक्षेत्र की इस धर्मशाला का नाम “राष्ट्रीय गुर्जर धर्मशाला” रखा जाए, जिस पर समारोह में मौजूद लोगों ने सहमति जताई।

इस अवसर पर राष्ट्रीय प्रधान अनंत राम, चेयरमैन राजपाल तंवर, ब्लॉक समिति पिहोवा चेयरपर्सन पिंकी देवी, एडवोकेट ज्ञानचंद कसाना, नरेश आर्य, ओमप्रकाश राठी, प्रेमचंद गांगल, अजमेर सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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Author: Bharat Sarathi

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