1 जनवरी 2026 से अब तक 1,881 चालान, 31.89 लाख रुपये का जुर्माना
गुरुग्राम, 3 फरवरी। शहर में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े नियमों के उल्लंघन पर नगर निगम गुरुग्राम ने कड़ा रुख अपनाया है। इसके तहत 1 जनवरी 2026 से अब तक विभिन्न उल्लंघनों में कुल 1,881 चालान जारी किए गए हैं, जिनसे 31,89,500 रुपए का जुर्माना वसूला गया है। यह कार्रवाई शहर को स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से लगातार जारी है।
कूड़ा प्रबंधन व पॉलीथीन उपयोग के मामले में सबसे अधिक कार्रवाई
पॉलीथिन उपयोग के मामलों में सबसे ज्यादा 1,222 चालान काटे गए, जिनसे 9,19,000 रुपए की वसूली हुई। डस्टबिन उपयोग न करने पर 324 चालान कर 1,62,000 रुपए का जुर्माना लगाया गया।
कचरा जलाने और मलबा फैलाने पर सख्ती
खुले में कचरा जलाने के 36 मामलों में 1,80,000 रुपए का जुर्माना लगाया गया है। सीएंडडी कचरे को सार्वजनिक स्थान पर डालने के मामले में 57 चालान काटकर 13,05,000 रुपए की वसूली की गई। वहीं सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फेंकने के 32 मामलों में 1,60,000 रुपए का जुर्माना लगाया गया।
निर्माण गतिविधियों में नियमों की अनदेखी
प्रतिबंध के दौरान निर्माण कार्य न रोकने या नियमों का उल्लंघन करने पर 9 चालान कर 1,70,000 रुपए वसूले गए। बिना ढके निर्माण सामग्री ले जाने वाले वाहनों पर 13 चालान काटकर 65,000 रुपए का जुर्माना लगाया गया।
सार्वजनिक स्वच्छता से जुड़े मामले
खुले में शौच के 165 मामलों में 8,250 रुपए तथा खुले में पेशाब के 4 मामलों में 2,000 रुपए का जुर्माना लगाया गया। सेप्टेज प्रबंधन के उल्लंघन पर 3 चालान कर 7,500 रुपए वसूले गए। वहीं पानी की बर्बादी के 14 मामलों में 1,900 रुपए का जुर्माना लगाया गया।
थोक कचरा उत्पादकों पर कार्रवाई
बल्क वेस्ट जेनरेटर श्रेणी में 2 मामलों में 50,000 रुपए का जुर्माना लगाया गया। बड़ी संस्थाओं को स्रोत स्तर पर कचरा प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि नागरिकों में जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वच्छता नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ आगे भी नियमित अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नागरिकों, बाजार संघों, निर्माण एजेंसियों और संस्थानों से अपील की कि वे कचरा प्रबंधन, प्लास्टिक प्रतिबंध, निर्माण सामग्री ढककर ले जाने और जल संरक्षण जैसे नियमों का पालन करें। जन सहयोग से ही शहर को स्वच्छ और स्वस्थ बनाया जा सकता है।






