मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान, चार लेबर कोड पर जताया कड़ा विरोध
गुड़गांव, 3 फरवरी 2026: सरकार की मजदूर-कर्मचारी विरोधी एवं जनविरोधी नीतियों के खिलाफ केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त आह्वान पर 12 फरवरी 2026 को प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल को सफल बनाने के उद्देश्य से ऑल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन सेंटर (AIUTUC) जिला गुड़गांव की एक महत्वपूर्ण बैठक जिला कार्यालय में सम्पन्न हुई। बैठक में हड़ताल की तैयारियों, प्रचार-प्रसार और अभियान को तेज करने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के उपरांत AIUTUC कार्यकर्ताओं ने उद्योग विहार गुड़गांव स्थित विभिन्न औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत मजदूरों के बीच पर्चा वितरण अभियान शुरू किया। इस दौरान मजदूरों को चार लेबर कोडों के संभावित प्रभाव, हड़ताल के उद्देश्य और प्रमुख मांगों से अवगत कराते हुए उन्हें सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया।
वक्ताओं ने कहा कि चार लेबर कोड लागू होने से मजदूरों के वर्षों के संघर्ष से हासिल अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। उनके अनुसार इससे काम और वेतन की अनिश्चितता बढ़ने, कार्यघंटों में वृद्धि, स्थायी रोजगार में कमी तथा “हायर एंड फायर” जैसी नीतियों को बढ़ावा मिलने की आशंका है।
बैठक में यह भी चिंता जताई गई कि उद्योगों में छंटनी को आसान बनाने, श्रम कानूनों के दायरे को सीमित करने, फ्लोर वेज व्यवस्था, ठेका प्रथा के विस्तार और यूनियन व सामूहिक सौदेबाजी की प्रक्रिया के कमजोर होने जैसे कदम मजदूर हितों के विपरीत हो सकते हैं। महिलाओं से रात्रि पाली में काम लेने और श्रम कानून उल्लंघन पर दंड प्रावधानों में बदलाव को लेकर भी आपत्ति दर्ज की गई।
AIUTUC ने कहा कि सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण, स्कीम वर्करों से जुड़े मुद्दों, बेरोजगारी, महंगाई तथा किसान-मजदूर से जुड़े सवालों के मद्देनजर यह हड़ताल आवश्यक है। बैठक में निर्णय लिया गया कि जिले की प्रत्येक इंडस्ट्री और मजदूर तक संदेश पहुंचाते हुए अभियान को और तेज किया जाएगा, ताकि हड़ताल को पूर्ण रूप से सफल बनाया जा सके।
AIUTUC जिला गुड़गांव ने सभी मजदूरों, कर्मचारियों, मेहनतकशों, किसानों और आमजन से 12 फरवरी 2026 की राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है।







