कहा – राजनीतिक दिवालियापन, नीतिगत खोखलापन और शोषितों पर जुल्म!
बजट में हरियाणा का नामो निशान नहीं, भाजपा सरकार में प्रदेश के हितों की बार-बार हो रहा खिलवाड़!
नरवाना,2 फरवरी 2026 – कैथल कांग्रेस विधायक आदित्य सिंह सुरजेवाला ने केंद्रीय बजट 2026-27 को तीखे शब्दों में खारिज करते हुए इसे गरीबों की हकमारी का काला बजट करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह बजट राजनीतिक रूप से पूरी तरह दिशाहीन, नीतिगत रूप से दिवालिया और शोषित-वंचित वर्गों के खिलाफ है। विधायक आदित्य सुरजेवाला ने रविवार को नरवाना में अपने वरिष्ठ कार्यकर्ता साथी सुरेंद्र नैन कान्हाखेड़ा की सुपुत्री के विवाह समारोह समेत क्षेत्र के कई सामाजिक कार्यक्रम में भाग लिया।
नरवाना पहुंचे युवा विधायक आदित्य सुरजेवाला ने कहा कि जब ‘नायब’ सरकार हो तो हरियाणा और देश के गरीबों, किसानों, युवाओं के साथ हकमारी बार-बार होगी। बजट में किसान, बेरोजगार युवा, मजदूर, एस सी, एसटी व ओबीसी श्रमिक और सामाजिक क्षेत्रों के लिए एक शब्द तक नहीं। यह नामों-निशान मिटाने वाला बजट है गरीब कल्याण में भारी कटौती का बजट है। किसानों की आय दोगुनी करने का वादा करने वाली भाजपा सरकार ने बजट में MSP तक का भी जिक्र नहीं किया। बजट में हरियाणा का नामोनिशान मिटा दिया गया है। इस बजट में प्रदेश के लिए न कोई बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट, न कोई विशेष पैकेज और न ही कोई दूरदर्शी विकास योजना शामिल की गई है।
सुरजेवाला ने कहा कि इस बजट ने गरीब व किसान पर सीधा हमला बोला है। कुल खर्च में ₹1,00,503 करोड़ की भारी कटौती की गई है। पूंजीगत खर्च में ₹1,44,376 करोड़ की भारी कटौती की गई है। ग्रामीण विकास बजट में ₹53,067 करोड़ की कटौती की गई है। शहरी विकास बजट में ₹39,573 करोड़ की कटौती की गई है। सामाजिक कल्याण बजट में ₹9,999 करोड़ की कटौती की गई।कृषि (खेती) बजट में ₹6,985 करोड़ की कटौती की गई। शिक्षा बजट में ₹6,701 करोड़ की कटौती की गई।स्वास्थ्य बजट में ₹3,686 करोड़ की कटौती की गई। उत्तर-पूर्वी राज्यों के बजट में ₹1,436 करोड़ की कटौती की गई। बजट में बहुत सारे अंग्रेजी के ऐसे शब्द कहे गए जिसके मायने न वित्त मंत्री को समझ में आए, न ही अर्थशास्त्रियों को, न ही बीजेपी को समझ में आए और न ही देश को समझ में आए।
उन्होंने कहा कि बहुत सारी कमेटियां बना दी गईं, बहुत सारी योजनाओं की दोबारा से घोषणा कर दी. परंतु नतीजा डिलीवरेवल (जीरो) है. इसमें न किसान, न बेरोजगार युवाओं, रोजगार सर्जन, न खेत-खलिहान और ग्रामीण आंचल के लिए एक शब्द है।
सुरजेवाला ने कहा कि संतशिरोमणि गुरु रविदास जी की जयंती के मौके पर भाजपा सरकार ने दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों से घोर अन्याय किया है। शोषितों का हक काटना भयंकर भेदभाव है। पीएम अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना पर ₹890 करोड़ की कटौती की गई।पीएम यंग अचीवर्स स्कॉलरशिप (ओबीसी, ईबीसी, डीएनटी के लिए) पर ₹690 करोड़ कटौती की गई। एससी पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप पर ₹360 करोड़ की कटौती कर दी।आदिवासी विकास बजट पर ₹1,559 करोड़ कटौती कर दी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण आंचल का पैसा आधे से ज्यादा खर्च ही नहीं हुआ अब यह साबित हो रहा है. उन्होंने आगे कहा कि दलित, आदिवासी, मजदूर, कामगार, सामाजिक कल्याण, लघु उद्यमियों और दुकानदारों के लिए बजट में एक शब्द भी नहीं है। साथ ही उन्होंने कहा कि साधारण भारत और विपक्षी शासित राज्यों के लिए बजट में कोई जिक्र नहीं है।
युवा विधायक आदित्य सुरजेवाला ने बजट को तकनीकी मंबो-जंबो से भरा हुआ बताया, जिसमें ढेर सारी कमेटियां हैं लेकिन जीरो डिलिवरेबल्स। उन्होंने कहा कि यह रिफॉर्म एक्सप्रेस नहीं – स्टेशन छोड़ने से पहले ही पटरी से उतर गई अराजकता की ट्रेन है। इस बजट से प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री के दावे खोखले साबित हुए।







