फ्रैंकफर्ट में भारतीय संस्कृति की गूंज …..

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‘देवमाली : आध्यात्मिक और सांस्कृतिक सरोकार’ पुस्तक को जर्मनी की कौंसुल जनरल ने सराहा

कुरुक्षेत्र, (प्रमोद कौशिक)। भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर हरियाणा की लेखिका शिखा कुमारी द्वारा रचित पुस्तक ‘देवमाली : आध्यात्मिक और सांस्कृतिक सरोकार’ को फ्रैंकफर्ट (जर्मनी) स्थित भारत के प्रधान कौंसुलावास की कौंसुल जनरल श्रीमती शुचिता किशोर ने सराहा। इस अवसर पर लेखिका ने कौंसुल जनरल को अपनी यह पुस्तक भेंट की, जो इंडिया बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स में दर्ज है।

शिखा कुमारी, पुत्री श्री बनवारी लाल, गांव ढाणी पाल, जिला हिसार (हरियाणा) की निवासी हैं और वर्तमान में जर्मनी में सॉफ्टवेयर क्षेत्र में कार्यरत हैं। विदेश में रहते हुए भी वे भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक मूल्यों और लोक परंपराओं के संरक्षण व प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर सक्रिय रही हैं।

उल्लेखनीय है कि उनकी एक अन्य कृति ‘हरियाणवी अध्यात्म गीत’ हरियाणा साहित्य अकादमी के सौजन्य से प्रकाशित हो चुकी है, जबकि ‘विष्णु अवतार: श्री देवनारायण’ पुस्तक भी इंडिया बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स में अपना स्थान बना चुकी है।

गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान फ्रैंकफर्ट में तिरंगे को सलामी दी गई। इस अवसर पर कौंसुल जनरल श्रीमती शुचिता किशोर ने भारत की राष्ट्रपति द्वारा देश के नाम दिए गए संदेश के अंश पढ़कर सुनाए। कार्यक्रम में जर्मनी में रह रहे भारतीयों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिनमें भारतीय संस्कृति की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई दी।

फ्रैंकफर्ट में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह हर्ष, उल्लास और देशभक्ति के वातावरण में संपन्न हुआ, जिसमें भारत की सांस्कृतिक विरासत और वैश्विक पहचान को सशक्त रूप से प्रस्तुत किया गया।

Bharat Sarathi
Author: Bharat Sarathi

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