चंडीगढ़ | 28 /01/ 26 – हरियाणा में हाल ही में हुई बेमौसम ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। राज्य के कई जिलों में गेहूं, सरसों सहित रबी की फसलें भारी नुकसान की चपेट में आ गई हैं। खेतों में खड़ी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं, जिससे हजारों किसानों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने इस प्राकृतिक आपदा पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए राज्य सरकार से प्रभावित किसानों को तत्काल राहत देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि ओलावृष्टि से किसानों को जो नुकसान हुआ है, वह बेहद गंभीर है और यदि सरकार ने समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए तो किसानों की स्थिति और अधिक दयनीय हो जाएगी।
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि किसान पहले से ही महंगाई, बढ़ती लागत और बाजार की अनिश्चितताओं से जूझ रहे हैं। ऐसे में बेमौसम ओलावृष्टि ने उनकी कमर तोड़ दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों के दर्द को समझने के बजाय उदासीन रवैया अपनाए हुए है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने राज्य सरकार से मांग की कि—
ओलावृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत विशेष गिरदावरी कराई जाए।
फसल नुकसान का वास्तविक और पारदर्शी आकलन किया जाए।
प्रभावित किसानों को उचित, पर्याप्त और समयबद्ध मुआवजा प्रदान किया जाए।
राहत पैकेज घोषित कर किसानों को अगली फसल के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने कहा, “किसान प्रदेश की रीढ़ हैं। उनकी मेहनत से ही देश का पेट भरता है। लेकिन आज मौसम की मार से उनकी मेहनत बर्बाद हो रही है और सरकार की उदासीनता उनके जख्मों पर नमक छिड़कने का काम कर रही है। कांग्रेस पार्टी किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है और उनके अधिकारों के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी।”
राव नरेंद्र सिंह ने यह भी कहा कि हरियाणा के कई जिलों में हुई ओलावृष्टि और बारिश से गेहूं, सरसों सहित अन्य रबी फसलों को भारी नुकसान हुआ है। खेतों में महीनों की मेहनत कुछ ही मिनटों में नष्ट हो गई, जिससे किसानों के सामने परिवार के भरण-पोषण और कर्ज चुकाने की गंभीर चुनौती खड़ी हो गई है।
उन्होंने सरकार से अपील की कि राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर किसानों के हित में तुरंत ठोस कदम उठाए जाएं। यदि सरकार ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की तो कांग्रेस पार्टी किसानों के साथ मिलकर आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेगी।







