बल्क वेस्ट जनरेटर्स के लिए कचरा प्रबंधन एजेंसियों के पैनलमेंट को लेकर कार्यशाला एवं बैठक आयोजित

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ठोस कचरा संग्रहण, पृथक्करण, परिवहन, प्रसंस्करण एवं निपटान की प्रक्रिया को सुदृढ़ बनाने पर दिया गया जोर

गुरुग्राम, 21 जनवरी। नगर निगम गुरुग्राम द्वारा बल्क वेस्ट जनरेटर्स (बीडब्ल्यूजी) से उत्पन्न होने वाले ठोस कचरे के वैज्ञानिक एवं प्रभावी प्रबंधन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कार्यशाला एवं बैठक का आयोजन किया गया। बैठक का उद्देश्य कचरा संग्रहण, पृथक्करण, परिवहन, प्रसंस्करण एवं निपटान के लिए एजेंसियों के पैनलमेंट से संबंधित नियमों, शर्तों एवं प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी साझा करना रहा। यह पहल शहर में ठोस कचरा प्रबंधन नियम, 2016 के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक अहम कदम है।

तीन वर्ष के लिए पैनलमेंट, प्रदर्शन के आधार पर विस्तार

बैठक में बताया गया कि चयनित एजेंसियों का पैनलमेंट प्रारंभिक रूप से तीन वर्षों के लिए किया जाएगा। संतोषजनक प्रदर्शन एवं शर्तों की पूर्ति पर इसे एक बार और दो वर्षों के लिए बढ़ाया जा सकेगा। कुल पाँच वर्षों की अवधि के बाद किसी भी प्रकार का विस्तार नहीं दिया जाएगा, हालांकि एजेंसी पुनः आवेदन कर सकेगी। असंतोषजनक प्रदर्शन या प्रशासनिक कारणों से पैनलमेंट को किसी भी समय समाप्त किया जा सकता है।

एसडब्ल्यूएम नियमों व सरकारी दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन अनिवार्य

एजेंसियों के लिए एसडब्ल्यूएम रूल, 2016, नगर निगम के उप-विधानों तथा भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय, सीपीसीबी/एसपीसीबी और सीपीएचईईओ द्वारा जारी दिशानिर्देशों का पालन अनिवार्य किया गया है। एजेंसी को 100% डोर-टू-डोर संग्रहण केवल पृथक किए गए कचरे का ही करना होगा। यदि एजेंसी स्वयं कचरे का प्रसंस्करण नहीं कर पाती है, तो उसे अधिकृत रीसाइक्लर से समझौता करना होगा।

जीपीएस युक्त वाहन, सीसीटीवी और पारदर्शी निगरानी व्यवस्था

बैठक में स्पष्ट किया गया कि कचरे का परिवहन कवर किए गए, अलग-अलग कंपार्टमेंट व रंग-कोडिंग वाले वाहनों से किया जाएगा, जो जीपीएस से लैस होंगे और एमसीजी/जीएमडीए प्रणाली से जुड़े रहेंगे। एजेंसी को बीडब्ल्यूजी और निगम के लिए लॉगिन उपलब्ध कराने के साथ-साथ कम से कम 30 दिनों की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखनी होगी।

प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना और पर्यावरणीय मानकों का पालन

जहां पर्याप्त स्थान उपलब्ध होगा, वहां बीडब्ल्यूजी परिसर में ही प्रसंस्करण/निस्तारण इकाई स्थापित की जा सकेगी। एजेंसियां अपने स्वयं के कंपोस्टिंग सेंटर, एमआरएफ या ठोस कचरा प्रसंस्करण इकाइयां भी विकसित कर सकती हैं, जिनमें वेटब्रिज, अग्नि सुरक्षा उपकरण एवं पर्यावरणीय मानकों का पालन अनिवार्य होगा।

सुरक्षा, श्रमिक कल्याण और दंड प्रावधान

सभी श्रमिकों के लिए ईपीएफ/ईएसआई, पहचान पत्र एवं पीपीई किट अनिवार्य की गई है। नियमों के उल्लंघन, कचरा न उठाने, अवैध डंपिंग या डेटा अपलोड न करने पर भारी जुर्माने और बार-बार उल्लंघन की स्थिति में ब्लैकलिस्टिंग तक का प्रावधान रखा गया है।

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया

एजेंसियां पैनलमेंट के लिए नगर निगम गुरुग्राम की आधिकारिक वेबसाइट से आवेदन पत्र एवं आरएफपी प्राप्त कर ई-मेल तथा हार्ड कॉपी के माध्यम से आवेदन कर सकती हैं। चयन, नवीनीकरण एवं समाप्ति से संबंधित सभी निर्णय सक्षम प्राधिकारी द्वारा लिए जाएंगे।

निगमायुक्त प्रदीप दहिया के अनुसार नगर निगम गुरुग्राम का यह प्रयास शहर में बल्क वेस्ट जनरेटर्स से उत्पन्न कचरे के वैज्ञानिक, पारदर्शी एवं पर्यावरण अनुकूल प्रबंधन को सुनिश्चित कर स्वच्छ और हरित गुरुग्राम की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

इस मौके पर अतिरिक्त निगमायुक्त यश जालुका व रविन्द्र यादव, संयुक्त आयुक्त डॉ प्रीतपाल सिंह व कचरा प्रबंधन करने वाली एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

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Author: Bharat Sarathi

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