जाटोली कॉलेज बचाओ मुहिम तेज, एसटीपी के गंदे पानी पर ग्रामीणों का आक्रोश

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कॉलेज परिसर में घुस रहा दूषित पानी, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

पटौदी-जाटोली मंडी। नगर परिषद पटौदी-जाटोली मंडी के ऐतिहासिक गांव जाटोली स्थित एकमात्र राजकीय महाविद्यालय जाटोली आज अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ने को मजबूर है। वर्षों से शिक्षा का केंद्र रहा यह कॉलेज अब एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) के गंदे पानी के कारण गंभीर संकट में है।

ग्रामीणों का आरोप है कि एसटीपी का दूषित पानी कॉलेज की चारदीवारी तोड़कर परिसर और कक्षाओं में घुसने को तैयार है, जबकि कॉलेज का खेल मैदान पहले ही दलदल में तब्दील हो चुका है। इस भयावह स्थिति के चलते छात्रों की संख्या में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे कॉलेज का भविष्य खतरे में पड़ गया है।

इसी गंभीर समस्या को लेकर गांव के प्रबुद्ध नागरिकों ने “जाटोली कॉलेज बचाओ मुहिम” के तहत एक समिति का गठन किया और शुक्रवार को स्थानीय उप-मंडल अधिकारी (एसडीएम) को ज्ञापन सौंपकर अपनी पीड़ा और मांगों से अवगत कराया।

ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे वर्षों पुराने इस राजकीय महाविद्यालय को खत्म नहीं होने देंगे, चाहे इसके लिए उन्हें किसी भी स्तर तक संघर्ष क्यों न करना पड़े। उनका कहना है कि यदि हालात ऐसे ही रहे तो आने वाली पीढ़ियों के सामने शिक्षा का बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा।

इस अवसर पर पूर्व कप्तान जनक चौहान, वार्ड पार्षद रवि चौहान, पूर्व प्रधान जगदीश सिंह, राज सिंह चौहान, मास्टर सुरेन्द्र चौहान, अनिल शर्मा, बहादुर सिंह सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि एसटीपी के गंदे पानी की निकासी की तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था की जाए और कॉलेज परिसर को सुरक्षित किया जाए, ताकि क्षेत्र के बच्चों का भविष्य बचाया जा सके।

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Author: Bharat Sarathi

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