बदल जाएगा प्रधानमंत्री कार्यालय का पता, कर्तव्य भवन-1 और 2 का भी होगा उद्घाटन

नई दिल्ली, 12 फरवरी। सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के तहत तैयार किए गए नए प्रधानमंत्री कार्यालय परिसर ‘सेवा तीर्थ’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 फरवरी 2026 को शिफ्ट होंगे। यह जानकारी पेरिस इंटरनेशनल ओलम्पिक से शतरंज एशिया महाद्वीप के महासचिव ब्रह्मचारी कुलदीप शतरंज ने दी।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री दोपहर करीब 1:30 बजे ‘सेवा तीर्थ’ बिल्डिंग कॉम्पलेक्स के नाम का अनावरण करेंगे, जबकि शाम लगभग 6 बजे सेवा तीर्थ के साथ कर्तव्य भवन-1 और 2 का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री एक सार्वजनिक कार्यक्रम को भी संबोधित करेंगे।
वर्तमान में प्रधानमंत्री कार्यालय और कई मंत्रालय नई दिल्ली स्थित सेक्रेटेरिएट बिल्डिंग के नॉर्थ और साउथ ब्लॉक से संचालित होते हैं, जिन्हें करीब 95 वर्षों से देश की सत्ता का केंद्र माना जाता रहा है। सेवा तीर्थ में स्थानांतरण से पहले प्रधानमंत्री यहां केंद्रीय कैबिनेट की विशेष बैठक भी करेंगे, जो ब्रिटिश कालीन इमारत में आखिरी बैठक मानी जा रही है। इस भवन का डिजाइन प्रसिद्ध ब्रिटिश आर्किटेक्ट हर्बर्ट बेकर ने किया था।
₹1189 करोड़ की लागत से बना आधुनिक परिसर

‘सेवा तीर्थ’, जिसका अर्थ ‘सेवा का स्थान’ है, पहले ‘एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव’ के नाम से जाना जाता था। दिसंबर 2025 में इसका नाम बदलकर सेवा तीर्थ रखा गया। दारा शिकोह रोड स्थित यह परिसर लगभग 2.26 लाख वर्ग फीट (करीब 5 एकड़) क्षेत्र में एल एंड टी कंपनी द्वारा ₹1189 करोड़ की लागत से बनाया गया है।
कॉम्पलेक्स में तीन इमारतें हैं—
- सेवा तीर्थ-1: प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO)
- सेवा तीर्थ-2: कैबिनेट सचिवालय
- सेवा तीर्थ-3: राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय एवं राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार का कार्यालय
कैबिनेट सचिवालय पहले ही सितंबर 2025 में यहां स्थानांतरित हो चुका है। प्रधानमंत्री के लिए नया आवास भी इसी परिसर के पास बन रहा है, जिसके तैयार होने पर वे 7, लोक कल्याण मार्ग से वहां शिफ्ट होंगे।
कर्तव्य भवन में मिलेंगी कई मंत्रालयों को जगह
कर्तव्य भवन-1 और 2 में वित्त, रक्षा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, शिक्षा, संस्कृति, विधि एवं न्याय, सूचना एवं प्रसारण, कृषि एवं किसान कल्याण, रसायन एवं उर्वरक तथा जनजातीय कार्य सहित कई प्रमुख मंत्रालयों के कार्यालय स्थापित किए गए हैं। इससे मंत्रालयों के बीच बेहतर समन्वय और कार्यकुशलता बढ़ने की उम्मीद है।
डिजिटल और पर्यावरण-अनुकूल सुविधाएं
इन भवनों को 4-स्टार GRIHA मानकों के अनुरूप डिजाइन किया गया है। परिसर में रिन्यूएबल एनर्जी, जल संरक्षण, वेस्ट मैनेजमेंट, स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल, सर्विलांस नेटवर्क और एडवांस इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। सरकार का मानना है कि इससे प्रशासनिक कार्यों की गति बढ़ेगी और कर्मचारियों को बेहतर कार्य वातावरण मिलेगा।
सेंट्रल विस्टा परियोजना का अहम हिस्सा
सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत निर्मित किए गए हैं, जिसमें नया संसद भवन और कर्तव्य पथ भी शामिल हैं। सितंबर 2019 में घोषित इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए लगभग 20 हजार करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।
नॉर्थ-साउथ ब्लॉक बनेंगे राष्ट्रीय संग्रहालय
सरकार की योजना के अनुसार नॉर्थ और साउथ ब्लॉक की ऐतिहासिक इमारतों को ‘युगे-युगेन भारत नेशनल म्यूजियम’ में परिवर्तित किया जाएगा। प्रस्तावित संग्रहालय में 25 से 30 हजार कलाकृतियां प्रदर्शित किए जाने की संभावना है, जो इसे विश्व के सबसे बड़े संग्रहालयों में शामिल कर सकती है।








