चंडीगढ़। पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर “ऑपरेशन लोटस-2” चलाने का गंभीर आरोप लगाया है। पार्टी की ओर से संगरूर की विधायक नरिंदर कौर भराज और प्रवक्ता बलतेज पन्नू ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर विधायकों को खरीदने की कोशिश करने का आरोप लगाया।

विधायक नरिंदर कौर भराज ने दावा किया कि मुख्यमंत्री सैनी ने उनसे संपर्क कर बंद कमरे में बैठक का प्रस्ताव दिया और संगरूर से टिकट देने का वादा किया। उन्होंने कहा कि भाजपा हर विधानसभा क्षेत्र में उम्मीदवार तलाश रही है और इसी के तहत अन्य दलों के नेताओं से संपर्क किया जा रहा है। भराज के अनुसार, उन्हें यह भी कहा गया कि उनकी “हर मांग पूरी की जाएगी।”
भराज ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “मुझे नरिंदर कौर भराज आम आदमी पार्टी और संगरूर की जनता ने बनाया है। मैं इस तरह की राजनीति का शिकार नहीं बनूंगी।” उन्होंने बताया कि 19 वर्ष की उम्र से ही वह पार्टी की नीतियों के साथ जुड़ी हुई हैं और बैनर लगाने से लेकर कार्यकर्ताओं को संगठित करने तक हर जिम्मेदारी निभाई है।
उन्होंने आगे कहा कि 27 साल की उम्र में पार्टी ने उन्हें टिकट दिया और जनता ने विधायक बनाया, इसलिए उनके राजनीतिक भविष्य का फैसला पार्टी ही करेगी। भराज ने तंज कसते हुए कहा कि जिस तरह मुख्यमंत्री सैनी पंजाब में सक्रिय हैं, उससे लगता है मानो उन्हें “डेपुटेशन पर पंजाब भेजा गया हो।”
AAP प्रवक्ता बलतेज पन्नू ने भी भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले भी पार्टी के विधायकों को तोड़ने की कोशिश की गई थी, लेकिन “हमारे विधायक नहीं बिके” और इस बार भी भाजपा की रणनीति विफल रहेगी।
हालांकि, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि आरोप लगाने वाली विधायक को वह जानते तक नहीं हैं और यह पूरी तरह निराधार है। सैनी ने दावा किया कि पंजाब की जनता सच्चाई समझती है और भविष्य में राज्य में भाजपा की सरकार बनने पर गैंगस्टरवाद खत्म किया जाएगा।
नरिंदर कौर भराज का राजनीतिक सफर
लॉ की डिग्री धारक भराज ने 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान आम आदमी पार्टी जॉइन की थी, जब भगवंत मान संगरूर से चुनाव लड़ रहे थे। अकाली दल के दबदबे के बावजूद उन्होंने अपने गांव में अकेले बूथ लगाया। उनकी सक्रियता से प्रभावित होकर पार्टी ने 2022 में उन्हें संगरूर से टिकट दिया, जहां उन्होंने कांग्रेस नेता विजयइंदर सिंगला को 36,430 वोटों से हराया। चुनाव के समय उनके पास मात्र 24 हजार रुपये की संपत्ति और एक स्कूटी थी, जिससे उन्होंने पूरे क्षेत्र में प्रचार किया।
पंजाब की राजनीति में इन आरोप-प्रत्यारोपों ने चुनाव से पहले सियासी तापमान बढ़ा दिया है। अब देखना होगा कि यह विवाद आगे किस दिशा में जाता है और क्या इससे प्रदेश की चुनावी रणनीतियों पर असर पड़ता है।








