चुनावों के समय बीजेपी का नारा ‘सबका साथ – सबका विकास’ और चुनावों के बाद, हम आपके हैं कौन? : सुनीता वर्मा

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वोट लेने के बाद अच्छे दिनों की बजाए बलेवा के दलितों को मिले मानव निर्मित आपदा वाले जहरीले दिन

जो एससी चौपाल सामाजिक समस्याएं आपसी सौहार्द से सुलझाती थी वो आज खुद प्रशासन की उदासीनता के चलते सड़ते हुए गंदे पानी से निजात पाने को हुई लाचार

यूपी का जातिवादी घृणित मॉडल अब देखें गुरुग्राम में पटौदी खंड के बलेवा गांव में, जहां दलित बस्ती के लोग डर से गंदगी में बिता रहे जिंदगी

पटौदी 15/1/2026 :- “अगर बीजेपी के फर्जी स्वच्छता अभियान की मिसाल देखनी है तो पटौदी के गांवों में आइए और यदि देश में गंदे पानी पीने से हुई मौतों की भविष्य की तस्वीर देखनी है तो पटौदी खंड के गांव बलेवा में आइए, जहां प्रशासन किसी बड़े हादसे की इंतजार में है।” ये कहना है अनुसूचित जाति कांग्रेस की प्रदेश उपाध्यक्षा और महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय कॉर्डिनेटर सुनीता वर्मा का। उन्होंने आज गांव बलेवा का दौरा किया और वहां की दलित बस्ती को नाटकीय जीवन जीते हुए देख कर इन हालातों के लिए बीजेपी को जिम्मेदार ठहराते हुए उक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार जनता को साफ पानी, स्वच्छ हवा और प्रदूषण मुक्त माहौल देने में पूर्णतया विफल साबित हो रही है। गांवों की गलियों में गंदे और बदबूदार जहरीले पानी के रूप में हरियाणा सरकार का विकास तथा इनका स्वच्छ भारत मिशन नालियों में पसरा पड़ा है।

महिला कांग्रेस नेत्री ने कहा कि गांव बलेवा की अनुसूचित जाति की चौपाल जो सामाजिक समस्याओं को सुलझाती रही है, जहां बैठ कर लोग आपसी भाईचारे को मजबूत बनाने तथा गांव की भलाई की योजनाएं बनाते हैं, आज वो चौपाल पंचायत की उदासीनता और स्थानीय प्रशासन व जनप्रतिनिधियों की लापरवाही का खामियाजा भुगत रही है। उन्होंने कहा कि एससी बस्ती के गंदे पानी की निकासी गांव के दूसरी जाती के दबंग लोग सुचारु रूप से नहीं होने दे रहे, प्रशासन और जनप्रतिनिधि उनकी दबंगई के आगे लाचार और बेबस है, नतीजन वो सारा जहरीला बदबूदार पानी गांव की अनुसूचित जाति चौपाल में भरकर जोहड़ का रूप ले चुका है जो ना सिर्फ पीने के पानी को दूषित और जहरीला बना रहा है बल्कि इस जलभराव से नजदीकी मकानों की दीवारें भी दरक रही हैं।

सुनीता वर्मा ने मौके का मुआयना करते हुए कहा कि इन हालातों में लगता है प्रशासन कुछ इंसानी बलि लेकर ही चेतेगा। जहां गंदे पानी का रुकाव हों, गंदगी का फैलाव हो, बीमारियों को आमंत्रण हो और इसके लिए किसी की जवाबदेही तय ना हो तो हालात बुरे हो जाते हैं। उन्होंने हरियाणा सरकार और स्थानीय प्रशासन को उक्त हालातों के लिए दोषी ठहराते हुए कहा कि बीजेपी सरकार वादे तो बड़े-बड़े करती है लेकिन वह जनता को बुनियादी सुविधा भी नहीं दे पा रही है, शर्म आनी चाहिए इन्हें जो लोगों को नाटकीय जीवन जीने को मजबूर कर रही है। उन्होंने कहा कि गांव का कोई जागरूक इंसान इस बुरे हालात और गंदगी के खिलाफ आवाज उठाता है तो उसे पीट कर चुप करा दिया जाता है। जलभराव से उठती दुर्गंध की वजह से आने-जाने में दिक्कतें हैं, स्वास्थ्य जोखिम बढ़ रहे हैं और प्रशासन की लापरवाही साफ नज़र आ रही है। हम चाहते हैं कि इस जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान तुरंत किया जाए ताकि लोगों के मौलिक अधिकारों की रक्षा हो सके और वो अच्छा जीवन जी सकें।

वर्मा ने कहा कि यदि प्रशासन ने जल्द कोई समाधान नहीं किया तो हमें जनता के साथ सड़कों पर आने को मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने सरकार को घेरते हुए कहा कि इस बीजेपी की नीति ही ये है कि चुनावों के समय इनका नारा होता है सबका साथ – सबका विकास और चुनावों के बाद, दबंगों के साथ – दबंगों का विकास। और फिर सत्ता पाते ही इनके द्वारा गरीबों पर ही अन्याय और अत्याचार होता है, इनकी कहीं कोई सुनवाई नहीं होती और जब विपक्ष इंसाफ के लिए आवाज उठाए तो ये बेशर्म कह देते हैं कि विपक्ष राजनीति कर रहा है।

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Author: Bharat Sarathi

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