हरियाणा कांग्रेस मुख्यालय में कांग्रेस ने “मनरेगा बचाओ संग्राम” अभियान का राष्ट्रव्यापी शुभारंभ किया

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मनरेगा के मूल उद्देश्य की रक्षा करने, एवं ग्रामीण रोजगार को सुनिश्चित करने के लिए कांग्रेस संकल्पबद्ध – बी के हरिप्रसाद

मनरेगा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुधारने का एक सशक्त औजार- राव नरेंद्र सिंह

मनरेगा के मूल स्वरूप से कोई समझौता नहीं होगा, सरकार को इसे बदलने नहीं देंगे – भूपेंद्र सिंह हुड्डा

ग्रामीण, दलित, गरीब, आदिवासी, महिला और वंचित समाज की थाली से निवाला छीनने पर आमादा है भाजपा की जनविरोधी सरकार – रणदीप सुरजेवाला

 चंडीगढ़, 05.01.26 –  भाजपा सरकार द्वारा मनरेगा के मूल स्वरूप को बदलने को लेकर कांग्रेस पार्टी ने कड़ी आपत्ति जताई और काफी विरोध स्वरूप काफी आक्रामक दिखाई दी।

 इसको लेकर कांग्रेस पार्टी ने हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के  चंडीगढ़  स्थित मुख्यालय से “मनरेगा बचाओ संग्राम” अभियान की राष्ट्रव्यापी शुरुआत की। इस अवसर पर पत्रकार वार्ता  को संबोधित करते हुए हरियाणा के प्रभारी बी के हरिप्रसाद ने कहा कि
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा), जिसे वर्ष 2005 में यूपीए सरकार द्वारा लागू किया गया था, एक ऐतिहासिक कानून है जो प्रत्येक ग्रामीण परिवार को प्रति वर्ष कम से कम 100 दिनों का रोजगार का कानूनी अधिकार देता है। यह कानून न केवल रोजगार उपलब्ध कराने का माध्यम है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और गरीबों  की जीवन रेखा की तरह है।उन्होंने बताया किसकी विरोध स्वरूप हाई कमान की दिशा निर्देशानुसार हर स्तर पर आंदोलन करेंगे।

वहीं हरियाणा प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि दुर्भाग्यवश, मौजूदा सरकार द्वारा पिछले 5–6 वर्षों से मनरेगा को कमजोर करने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

ग्रामीण रोजगार को सुनिश्चित करने और मनरेगा के मूल उद्देश्य की रक्षा के लिए कांग्रेस पार्टी द्वारा “मनरेगा बचाओ अभियान” का राष्ट्रीय स्तर पर शुभारंभ किया जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से हम जनता को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करेंगे।
उन्होंने कहा कि मनरेगा केवल एक रोजगार का साधन ही नहीं बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था एवं वंचितों, गरीबों का जीवन स्तर को सुधारने का एक सशक्त औज़ार भी है। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया की हमारे मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत पीसीसी स्तर की तैयारी बैठकें होगी, जिला स्तरीय प्रेस वार्ता की जाएगी ,एक दिन से उपवास एवं प्रतीकात्मक विरोध किया जाएगा, पंचायत स्तर पर भी जनसंपर्क साध कर लोगों को जागरूक किया जाएगा। वार्ड स्तर पर शांतिपूर्वक धरना होगा। उन्होंने बताया इस प्रकार जिले में भी जिला स्तरीय मनरेगा बचाव धरना होगा, फिर राज्य स्तरीय विधानसभा घेराव होगा, क्षेत्रिय स्तर पर  जागरूकता के लिए रैलियां की जाएगी। उन्होंने कहा इस अभियान के तहत कांग्रेस हर उसे पीड़ित तक पहुंचाने का प्रयास करेगी जो मनरेगा के स्वरूप बदले जाने से प्रभावित है।

 वहीं पूर्व मुख्यमंत्री एवं विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि फंड में कटौती, भुगतान में देरी, काम के दिनों में कमी और मनमाने प्रतिबंधों के कारण गरीब, दलित, आदिवासी, महिलाएँ और अन्य वंचित वर्ग सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। विभिन्न सरकारी रिपोर्टों के अनुसार लगभग 60 प्रतिशत से अधिक मनरेगा मजदूरी भुगतान में देरी हो रही है। आने वाले समय में इसकी भयंकर दुष्परिणाम सामने आएंगे।

ग्रामीण रोजगार को सुनिश्चित करने और मनरेगा के मूल उद्देश्य की रक्षा के लिए कांग्रेस पार्टी द्वारा “मनरेगा बचाओ अभियान” का राष्ट्रीय स्तर पर शुभारंभ किया जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से हम जनता को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करेंगे।
वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सुरजेवाला ने अपने वक्तव्य में बताया कि भाजपा सरकार  किसी न किसी बहाने से आमजन को परेशान करने में लगी है। मनरेगा का मूल स्वरूप बदलकर यह भ्रष्ट लोग ग्रामीण, गरीब, वंचित, महिला एवं जरूरतमंदों के मुंह से निवाला छीनने के प्रयास में है।  कांग्रेस पार्टी ने मनरेगा योजना का स्वरूप बहुत सोच समझकर तैयार किया था ताकि इससे ग्रामीणों की अर्थव्यवस्था में सुधार आ सके, महिलाओं को अपने घर के पास ही  रोजगार उपलब्ध हो सके, ताकि महिलाओं को काम की तलाश में भटकना न पड़े। लेकिन भ्रष्ट भाजपा सरकार को यह बर्दाश्त नहीं है की कोई दो जून की रोटी कमा खा सके ।उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की इस मंशा को हम कभी भी कामयाब नहीं होने देंगे और मनरेगा की रक्षा के लिए  हर बड़े से बड़ा आंदोलन करने के लिए तैयार रहेंगे।

 इस मौके पर सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि मनरेगा योजना को खत्म करना भाजपा की तानाशाही  का जीता जागता प्रमाण है। उन्होंने कहा कि मुद्दा सिर्फ नाम बदलने का नहीं है, बल्कि योजना का स्वरूप बदलकर जरूरतमंदों के अधिकारों एवं हक  को छीनने का एक असफल प्रयास है। कांग्रेस पार्टी भाजपा के इस प्रयास को कभी सफल नहीं होने देगी।

उन्होंने मीडिया के माध्यम से सभी को अनुरोध किया  कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रूप से भाग लें और मनरेगा के माध्यम से गरीबों को उनका हक दिलाने की लड़ाई को आगे बढ़ाएँ। इस कार्यक्रम के दौरान हरियाणा में होने जा रहे तीन जिलों के नगर निगम चुनाव को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई। इस पर बोलते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस निगम चुनाव के लिए अपनी कमर कस चुकी है और हम अपनी निर्माणात्मक नीतियों को लेकर जनता के बीच में जाएंगे और हमें संपूर्ण विश्वास है कि इन निकाय चुनाव में कांग्रेस विजय रहेगी।

इस वार्ता के दौरान
सांसद एवं कांग्रेस कार्यसमिति सदस्य दीपेन्द्र सिंह हुड्डा,  हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष चौधरी धर्मपाल सिंह मालिक एवं चौधरी उदय भान, चौधरी रामकिशन गुर्जर,  जितेंद्र कुमार भारद्वाज,  सुरेश गुप्ता, सांसद श्री वरुण चौधरी,  सतपाल ब्रह्मचारी एवं  जयप्रकाश, विधायक चौधरी निर्मल सिंह, भरत भूषण बत्रा, चौधरी आफताब अहमद,  परमवीर सिंह, मोहम्मद इजराईल, अशोक अरोड़ा,  अकरम खान, विधायक चंद्रमोहन,  कुलदीप वत्स, विधायिका शैली चौधरी,  पूजा चौधरी,  गीता भूकक्ल,  शकुंतला खटक, सरदार जरनैल सिंह, चंद्रप्रकाश,  इंदुराज नरवाल,  बलवान सिंह दौलतपूरिया, बलवान दाँगी,  जस्सी पेटवाड़,  देवेंद्र हंस,  रघुबीर सिंह तेवतीया, नरेश सेलवाल तथा राम करण काला,रोहित चौधरी, चेयरमैन भूतपूर्व-सैनिक विभाग एआईसीसी, हरियाणा महिला कांग्रेस अध्यक्षा  सुधा भारद्वाज, मीडिया इंचार्ज,  संजीव भारद्वाज, डॉ पूनम चौहान, अध्यक्ष हरियाणा कांग्रेस सेवादल, मनोज बागरी, चेयरमैन अनुसूचित विभाग हरियाणा काँग्रेस, फ़ोम लाल, चेयरमैन राजीव गांधी पंचायती राज संगठन हरियाणा एवं  कांग्रेस के सभी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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Author: Bharat Sarathi

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