जनशिकायतों के त्वरित व प्रभावी निवारण को लेकर प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध : डीसी अजय कुमार

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समाधान शिविर की समीक्षा बैठक में डीसी ने अधिकारियों को दिए सख्त दिशा-निर्देश

गुरुग्राम, 02 जनवरी। डीसी अजय कुमार ने कहा कि आमजन की समस्याओं का समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाधान शिविर केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जनता और प्रशासन के बीच विश्वास को मजबूत करने का सशक्त माध्यम है।

डीसी आज लघु सचिवालय में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा (वीसी के माध्यम से) समाधान शिविर की समीक्षा बैठक के उपरांत आयोजित अधिकारियों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान समाधान शिविर में प्राप्त शिकायतों की विभागवार समीक्षा की गई और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

शिकायतकर्ता की संतुष्टि निवारण प्रक्रिया का अहम मापदंड

डीसी ने कहा कि सभी विभागीय अधिकारी समाधान शिविर में प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निवारण सुनिश्चित करें। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि शिकायत निवारण की प्रक्रिया में यह आवश्यक है कि शिकायतकर्ता समाधान से पूरी तरह संतुष्ट हो। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन शिकायतों का समाधान हो चुका है, उन्हें संबंधित पोर्टल से समय पर हटाया जाए, ताकि पेंडेंसी का गलत आंकड़ा सामने न आए और वास्तविक लंबित मामलों पर प्रभावी ढंग से कार्य किया जा सके।

लंबित शिकायतों में आई उल्लेखनीय कमी, अधिकारियों की सराहना

डीसी ने बताया कि जून माह के बाद समाधान प्रक्रिया में 60 दिनों से अधिक समय से लंबित लगभग 400 शिकायतें थीं, जिनकी संख्या घटकर अब केवल 90 रह गई है। उन्होंने इस प्रगति के लिए विभागीय अधिकारियों के प्रयासों की सराहना की।उन्होंने बताया कि जून से अब तक प्राप्त लगभग 1000 शिकायतों में से केवल 200 शिकायतें ही वर्तमान में लंबित हैं, जिनका शीघ्र निवारण किया जाना शेष है।

सोमवार और वीरवार को समाधान शिविर का लाभ उठाने की अपील

डीसी ने आमजन से अपील की कि वे अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सोमवार और वीरवार को प्रातः 10 बजे से 12 बजे तक जिला स्तर पर लघु सचिवालय तथा उपमंडल स्तर पर आयोजित समाधान शिविर में पहुंचकर इसका लाभ उठाएं।
डीसी ने अधिकारियों को सचेत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं समाधान शिविर से जुड़कर शिकायतों पर किए गए निवारण की नियमित मॉनिटरिंग कर रहे हैं। ऐसे में किसी भी स्तर पर लापरवाही, देरी या कोताही को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

समीक्षा बैठक में डीसीपी हेडक्वार्टर अर्पित जैन, एचएसवीपी की प्रशासक वैशाली सिंह, एडीसी सोनू भट्ट, पटौदी के एसडीएम दिनेश लुहाच, सोहना के एसडीएम अखिलेश, नगर निगम मानेसर से संयुक्त आयुक्त लोकेश सहित अन्य विभागीय अधिकारी तथा कर्मचारी उपस्थित रहे।

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Author: Bharat Sarathi

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