चुनावी वादों से पलटने और जटिल शर्तों के जरिए महिलाओं को लाभ से वंचित करने का आरोप
चंडीगढ़ | 2 जनवरी 2026 – स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने हरियाणा की भाजपा सरकार पर लाडो लक्ष्मी योजना को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार चुनावी वादों से पीछे हटते हुए योजना में ऐसे जटिल और भेदभावपूर्ण नियम बना रही है, जिससे अधिकतम महिलाओं को लाभ देने के बजाय सत्ता के बल पर राजनीतिक फायदा उठाया जा सके।
विद्रोही ने आरोप लगाया कि यह रवैया हरियाणा की महिलाओं के साथ सीधी ठगी है। उन्होंने कहा कि अक्टूबर 2024 के विधानसभा चुनावों से पहले जिस स्वरूप में योजना की घोषणा की गई थी, आज वह पूरी तरह बदल चुका है। योजना को चुनावों के लगभग एक वर्ष बाद लागू किया गया और अब इसके नियम मूल उद्देश्य से भटक चुके हैं।
उन्होंने याद दिलाया कि 25 सितंबर 2025 को योजना लागू करते समय सरकार ने दावा किया था कि एक लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाली 20 लाख महिलाओं को इसका लाभ मिलेगा, लेकिन हकीकत में अब तक केवल 8 लाख महिलाओं को ही योजना का लाभ मिल पाया है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब 20 लाख महिलाएं पात्र हैं, तो 12 लाख महिलाओं को अब तक लाभ से वंचित क्यों रखा गया?
विद्रोही ने सरकार द्वारा हाल में किए गए विस्तार पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि अब योजना में 1.80 लाख रुपये वार्षिक आय वाली महिलाओं को शामिल करने की बात तो की गई है, लेकिन उनके बच्चों के लिए 10वीं और 12वीं में 80 प्रतिशत अंक की शर्त जोड़ दी गई है, जो गरीब परिवारों के साथ अन्याय है।
उन्होंने कहा कि जब 1.80 लाख रुपये वार्षिक आय वाले परिवार पहले से ही बीपीएल श्रेणी में आते हैं, तो ऐसे परिवारों की महिलाओं पर बच्चों के अंकों की शर्त थोपना असंवेदनशील और धोखाधड़ीपूर्ण कदम है। महंगाई के इस दौर में 15 हजार रुपये मासिक आय वाले परिवार किन परिस्थितियों में बच्चों को पढ़ाते हैं, यह सरकार समझने को तैयार नहीं है।
विद्रोही ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में गंभीर और संवेदनशील होती, तो 1.80 लाख रुपये आय वाली महिलाओं को बिना शर्त योजना में शामिल करती और अन्य वर्गों में अंकों की शर्त लागू करती। लेकिन ऐसा न करके भाजपा सरकार ने जानबूझकर ठगी का रास्ता चुना है।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन परिवारों का गुजर-बसर मुश्किल से हो पाता है, उनके लिए 2100 रुपये मासिक सहायता का बहुत बड़ा महत्व है। लेकिन सरकार ने इसमें भी केवल 1100 रुपये नकद और 1000 रुपये फिक्स्ड डिपॉजिट का नियम बनाकर गरीब महिलाओं के साथ अन्याय किया है।
वेदप्रकाश विद्रोही ने आरोप लगाया कि कुल मिलाकर भाजपा सरकार लाडो लक्ष्मी योजना के नाम पर ओछी राजनीति कर रही है और प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश की महिलाओं को राजनीतिक लाभ के लिए ठगने का काम कर रही है।






