चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने नए साल के अवसर पर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 34 अधिकारियों को पदोन्नति देकर बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया है। इस फैसले को अधिकारियों के मनोबल और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
पदोन्नति पाने वालों में दिवंगत आईपीएस अधिकारी वाई. पूरण कुमार की पत्नी अमनीत पी. कुमार भी शामिल हैं।
मुख्य सचिव ग्रेड में पदोन्नति
राज्य सरकार ने 1996 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी श्यामल मिश्रा को मुख्य सचिव ग्रेड (पे मैट्रिक्स लेवल-17) में पदोन्नत किया है।
हायर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड
2001 बैच के चार आईएएस अधिकारियों को हायर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड (लेवल-15) में पदोन्नति दी गई है। अब ये अधिकारी अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) के पद पर नियुक्त किए जा सकेंगे।
पदोन्नत अधिकारियों में विजय सिंह दहिया और अमनीत पी. कुमार शामिल हैं।
केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर तैनात विकास गुप्ता और पंकज यादव को परफॉर्मा प्रमोशन दी गई है।
सुपर टाइम स्केल
2010 बैच के पांच आईएएस अधिकारियों को सुपर टाइम स्केल (लेवल-14) में पदोन्नति मिली है।
इनमें प्रभजोत सिंह, राजनारायण कौशिक, जितेंद्र कुमार और हेमा शर्मा शामिल हैं।
अब इन अधिकारियों को निदेशक या अतिरिक्त सचिव जैसे पदों पर नियुक्त किया जा सकेगा।
केंद्र में प्रतिनियुक्ति के कारण डॉ. गरिमा मित्तल को परफॉर्मा प्रमोशन दिया गया है।
सिलेक्शन ग्रेड
2013 बैच के आठ आईएएस अधिकारियों को सिलेक्शन ग्रेड (लेवल-13) में पदोन्नत किया गया है।
पदोन्नति पाने वालों में पार्थ गुप्ता, अजय कुमार, प्रदीप दहिया, संगीता तेतरवाल, मनदीप कौर, प्रतिमा चौधरी और वीरेंद्र कुमार दहिया शामिल हैं।
केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्त निशांत कुमार यादव को परफॉर्मा प्रमोशन दी गई है।
जूनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड
इसके अलावा 2017 बैच के नौ आईएएस अधिकारियों को जूनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड (लेवल-12) में पदोन्नत किया गया है।
इनमें विश्राम कुमार मीणा, स्वप्निल रविंद्र पाटिल, साहिल गुप्ता, डॉ. वैशाली शर्मा, महाबीर प्रसाद, महेंद्रपाल, सतपाल शर्मा, अमरदीप सिंह और सुशील कुमार शामिल हैं।
सीनियर टाइम स्केल
2022 बैच के सात आईएएस अधिकारियों को सीनियर टाइम स्केल (लेवल-11) में पदोन्नति दी गई है।
इनमें अंकित कुमार चैकसे, अंजली श्रोत्रिया, अर्पित सांगल, ज्योति, डॉ. राहुल, शाश्वत सांगवान और उत्सव आनंद शामिल हैं।
राज्य सरकार के इस निर्णय से प्रशासनिक ढांचे को मजबूती मिलने और शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की उम्मीद जताई जा रही है।







