फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर सरकारी नौकरी पाने वालों पर भी संकट के बादल –

दिल्ली, 18 दिसंबर 2025 – पेरिस इंटरनेशनल ओलम्पिक से शतरंज एशिया महाद्वीप के महासचिव ब्रह्मचारी कुलदीप शतरंज ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा प्रदेश में जारी किए गए खेल ग्रेडेशन प्रमाणपत्रों की सत्यता की जांच की गई। जांच उपरांत प्राप्त रिपोर्ट में यह पाया गया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों के कुल 143 खिलाड़ियों के खेल ग्रेडेशन प्रमाणपत्र संदिग्ध, अमान्य एवं कुछ मामलों में पूर्णतः फर्जी हैं। हरियाणा सरकार के खेल विभाग ने प्रदेश में फर्जी खेल ग्रेडेशन प्रमाणपत्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए 143 खिलाड़ियों के प्रमाणपत्र रद्द करने के निर्देश जारी किए हैं। जांच रिपोर्ट में कई प्रमाणपत्र फर्जी, अमान्य और गैर-मान्यता प्राप्त संघों द्वारा जारी पाए गए हैं। फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर सरकारी नौकरी पाने वाले खिलाड़ियों की सेवाओं पर भी संकट के बादल मंडरा सकते हैं।
हरियाणा प्रदेश के खिलाडियों के लिए एक आवश्यक खबर सामने आई है। हरियाणा सरकार का खेल विभाग फर्जी तरीके से बनाए गए खेल ग्रेडेशन प्रमाण पत्रों को लेकर सख्त हो गया है। हरियाणा सरकार को भेजी गई जांच रिपोर्ट में प्रदेशभर के 143 खिलाड़ियों के खेल ग्रेडेशन प्रमाणपत्रों को संदिग्ध, अमान्य और कई मामलों में पूरी तरह फर्जी घोषित किया गया है। इनमें कैथल के भी 6 खिलाड़ियों के डी-ग्रेडेशन प्रमाणपत्र शामिल हैं जिन्हें जल्द ही रद्द किया जाएगा।
नौकरी पाने वालों पर भी आ सकती है आंच –
पेरिस इंटरनेशनल ओलम्पिक से शतरंज एशिया महाद्वीप के महासचिव ब्रह्मचारी कुलदीप शतरंज के अनुसार कई खिलाड़ियों के प्रमाणपत्र न तो किसी मान्यता प्राप्त राज्य खेल संघ द्वारा जारी किए गए हैं और न ही वे राष्ट्रीय खेल महासंघ या इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन से संबद्ध पाए गए। बिना मान्यता के ही कुछ खेल एसोसिएशनों ने खिलाड़ियों को खेल प्रमाणपत्र जारी कर दिए जो नियमों के विपरीत है। जिन खिलाड़ियों ने इन फर्जी खेल ग्रेडेशन प्रमाणपत्रों के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल की है, उनकी सरकारी नौकरी पर भी अब संकट के बादल मंडरा सकते हैं।
हरियाणा सरकार का खेल विभाग प्रदेश में फर्जी खेल ग्रेडेशन प्रमाणपत्रों को लेकर पूरी तरह सख्त हो गया है। खेल विभाग द्वारा कराई गई जांच में प्रदेशभर के 143 खिलाड़ियों के खेल ग्रेडेशन प्रमाणपत्र संदिग्ध, अमान्य एवं कई मामलों में पूरी तरह फर्जी पाए गए हैं।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, कई प्रमाणपत्र ऐसे खेल संघों द्वारा जारी किए गए थे जिन्हें उस समय राज्य या राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त नहीं थी। ये प्रमाणपत्र न तो किसी मान्यता प्राप्त राज्य खेल संघ से जुड़े थे और न ही राष्ट्रीय खेल महासंघ अथवा इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन से संबद्ध पाए गए।
खेल विभाग हरियाणा सरकार द्वारा खिलाड़ियों के खेल प्रमाणपत्रों की सूची बनाकर संबंधित फेडरेशनों से सत्यापन कराया गया। सत्यापन में बड़ी संख्या में ऐसे प्रमाणपत्र सामने आए, जिन पर फर्जी, अमान्य और संबद्धता नहीं जैसी टिप्पणियां दर्ज की गई हैं। ताइक्वांडो, वॉलीबाल, थ्रोबाल और सर्कल कबड्डी खेलों में सबसे अधिक अनियमितताएं पाई गई हैं।
संबंधित प्रमाणपत्र ऐसे खेल संगठनों/संघों द्वारा जारी किए गए थे, जो प्रमाणपत्र जारी करने की अवधि के दौरान न तो राज्य खेल संघ के रूप में मान्यता प्राप्त थे और न ही राष्ट्रीय खेल महासंघ अथवा इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन से संबद्ध पाए गए। खेल विभाग द्वारा प्रमाणपत्रों की सूची तैयार कर संबंधित खेल संघों से सत्यापन कराया गया, जिसमें ताइक्वांडो, वॉलीबॉल, थ्रोबॉल, सर्कल कबड्डी तथा एथलेटिक्स खेलों में सर्वाधिक अनियमितताएं सामने आई हैं।
पेरिस इंटरनेशनल ओलम्पिक से शतरंज एशिया महाद्वीप के महासचिव ब्रह्मचारी कुलदीप शतरंज ने बताया कि ताइक्वांडो में कई खिलाड़ियों के प्रमाणपत्र मान्य नहीं पाए गए क्योंकि वे मान्यता प्राप्त राज्य संघ से जारी नहीं थे। वहीं, एथलेटिक्स में अनेक प्रमाणपत्र सीधे तौर पर फर्जी घोषित किए गए हैं। जांच के आधार पर संबंधित खिलाड़ियों को विभाग द्वारा कारण बताओ/सूचना पत्र जारी कर दिए गए हैं।
कैथल जिले के छह खिलाड़ियों के खेल ग्रेडेशन प्रमाणपत्र रद्द करने को लेकर पत्र जारी हुआ है। जिन एसोसिएशनों द्वारा ये प्रमाणपत्र जारी किए गए थे, उस समय उन्हें मान्यता प्राप्त नहीं थी। इसी कारण पूरे प्रदेश में मुख्यालय स्तर पर 143 प्रमाणपत्रों को रद्द करने के निर्देश दिए गए हैं। हरियाणा सरकार द्वारा मुख्यालय स्तर पर सभी 143 प्रमाणपत्रों को रद्द करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर विचार किया जा रहा है।
हरियाणा सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन खिलाड़ियों ने इन फर्जी अथवा अमान्य खेल ग्रेडेशन प्रमाणपत्रों के आधार पर सरकारी सेवा में नियुक्ति प्राप्त की है, उनके मामलों में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है। प्रदेश स्तर पर कुल 143 खेल ग्रेडेशन प्रमाणपत्रों को निरस्त करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं तथा आगे की विधिक एवं विभागीय कार्रवाई प्रक्रियाधीन है।









