माजरा एम्स की घोषणाओं पर संदेह, रेवाड़ी के विकास दावों को बताया खोखला

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मार्च 2026 से ओपीडी और अगस्त से एमबीबीएस कक्षाओं की घोषणा

पहले भी कई बार टल चुकी है माजरा एम्स की समय-सीमा

भवन निर्माण पूरा होने पर ही संभव है ओपीडी व कक्षाओं की शुरुआत

मंत्रियों की घोषणाएं, ज़मीन पर सच्चाई नदारद : विद्रोही

रेवाड़ी, 14 दिसंबर 2025 – स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने माजरा स्थित एम्स में मार्च 2026 से ओपीडी तथा अगस्त 2026 से एमबीबीएस प्रथम वर्ष की कक्षाएं शुरू करने संबंधी केंद्रीय मंत्री राव इन्द्रजीत सिंह की घोषणा का स्वागत किया है। साथ ही उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह घोषणाएं कागज़ों तक सीमित न रहकर तय समय पर ज़मीनी स्तर पर भी साकार हों।

विद्रोही ने कहा कि माजरा एम्स में ओपीडी शुरू करने की तिथि पहले भी कई बार घोषित की जा चुकी है, लेकिन हर बार निर्धारित समय बीतने के बाद नई तारीख सामने आ जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह तय है कि माजरा एम्स में ओपीडी और एमबीबीएस पाठ्यक्रम की शुरुआत देर-सवेर होगी, लेकिन असली सवाल यह है कि यह वास्तव में कब शुरू होगी।

उन्होंने कहा कि मंत्रियों और संतरी जैसी घोषणाओं पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि निर्माण कार्य के निरीक्षण के दौरान अक्सर मीडिया सुर्खियों के लिए ऐसी घोषणाएं की जाती हैं। माजरा एम्स में ओपीडी और कक्षाओं की शुरुआत पूरी तरह भवन निर्माण के पूरा होने पर निर्भर है। भवन तैयार होने के बाद ही आवश्यक आधारभूत ढांचा विकसित हो पाएगा।

रेवाड़ी के विकास दावों पर सवाल
वेदप्रकाश विद्रोही ने रेवाड़ी नगर परिषद क्षेत्र में केंद्रीय मंत्री द्वारा किए गए विकास कार्यों के उद्घाटन और दावों को हास्यास्पद करार दिया। उन्होंने कहा कि मंत्री की घोषणाओं के अनुरूप रेवाड़ी में विकास और नागरिक सुविधाएं आम जनता को कहीं नजर नहीं आ रही हैं।

व्यंग्यात्मक लहजे में उन्होंने कहा कि संभव है कि राव इन्द्रजीत सिंह, भाजपा नेताओं और प्रशासन के पास ऐसी विशेष दृष्टि हो, जिससे उन्हें अदृश्य विकास और कथित सुविधाएं दिखाई देती हों, जो आम नागरिक को आंखें फाड़कर देखने पर भी नजर नहीं आतीं।

व्यक्तिगत उदाहरण से उठाए सवाल
विद्रोही ने अपने अनुभव का उल्लेख करते हुए बताया कि वे पिछले छह वर्षों से सेक्टर-4 स्थित विद्रोही कुंज में रह रहे हैं। इस दौरान उन्होंने अपनी गली के निर्माण, मरम्मत तथा घर के सामने बने जर्जर पार्क की मरम्मत के लिए नगर परिषद, प्रशासन, मंत्रियों, विधायकों, नगर परिषद चेयरपर्सन और स्वयं केंद्रीय मंत्री से भी कई बार व्यक्तिगत रूप से गुहार लगाई, लेकिन आज तक कोई कार्य नहीं हुआ।

उन्होंने सवाल उठाया कि राव साहब के दावों के अनुसार रेवाड़ी शहर में विकास आखिर कहां हो रहा है और नागरिक सुविधाएं किन्हें मिल रही हैं—यह बात उन्हें तमाम प्रयासों के बावजूद समझ में नहीं आ सकी।

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Author: Bharat Sarathi

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