पीएम विकसित भारत रोजगार योजना के लिए गुरुग्राम में अवेयरनेस वर्कशॉप आयोजित

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प्रधान सचिव राजीव रंजन ने उद्योगों से योजना का अधिकाधिक लाभ उठाने का किया आह्वान

रोजगार सृजन को गति देने हेतु प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना अत्यंत महत्वपूर्ण : राजीव रंजन

गुरुग्राम, 12 दिसंबर। हरियाणा युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता विभाग के प्रधान सचिव राजीव रंजन ने कहा कि प्रदेश में रोजगार सृजन को बढ़ावा देने तथा उद्योगों को नई दिशा प्रदान करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके तहत युवाओं को अधिक अवसर उपलब्ध होंगे और उद्योगों को कार्यबल सुदृढ़ करने में सहायता मिलेगी।

प्रधान सचिव राजीव रंजन आज गुरुग्राम के जीआईए हाउस स्थित सभागार में आयोजित एक दिवसीय अवेयरनेस वर्कशॉप को संबोधित कर रहे थे। यह वर्कशॉप एक्सपोर्ट ओरिएंटेड यूनिट्स, एसईजेड एंटरप्राइजेज, एमएसएमई प्रतिष्ठानों तथा गुरुग्राम की विभिन्न इंडस्ट्रियल एसोसिएशनों के लिए आयोजित की गई थी।

राजीव रंजन ने वर्कशॉप में उपस्थित नियोक्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत रोजगार आधारित प्रोत्साहन योजना को 1 अगस्त 2025 से “प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना” के रूप में लागू किया गया है। विकसित भारत पहल के अनुरूप तैयार की गई यह योजना देशभर में समावेशी एवं स्थायी रोजगार अवसरों के सृजन में सहायक सिद्ध होगी। इस दौरान उन्होंने योजना के संदर्भ में नियोक्ताओं से सुझाव भी मांगे।

प्रधान सचिव ने यह योजना विभिन्न क्षेत्रों में नए रोजगारों को प्रोत्साहित करेगी तथा विनिर्माण सेक्टर पर विशेष ध्यान केंद्रित करेगी। योजना के दो प्रमुख भाग निर्धारित किए गए हैं।

भाग ए: पहली बार रोजगार प्राप्त करने वाले कर्मचारियों के लिए प्रोत्साहन:

ईपीएफओ में पहली बार पंजीकृत कर्मचारियों को लक्षित करते हुए, इस भाग में एक महीने का ईपीएफ वेतन, अधिकतम 15,000 रुपये दो किश्तों में दिया जाएगा। 1 लाख रुपये तक के वेतन वाले कर्मचारी इसके पात्र होंगे। पहली किश्त 6 महीने की सेवा के बाद और दूसरी किश्त 12 महीने की सेवा और कर्मचारी द्वारा वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम पूरा करने के बाद देय होगी। बचत की आदत को प्रोत्साहित करने के लिए, प्रोत्साहन राशि का एक हिस्सा एक निश्चित अवधि के लिए बचत साधन या जमा खाते में रखा जाएगा और कर्मचारी बाद में इसे निकाल सकेगा।

भाग बी: नियोक्ताओं को सहायता:

यह भाग सभी सेक्टरों में अतिरिक्त रोजगार सृजन को कवर करेगा, जिसमें विनिर्माण सेक्टर पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। नियोक्ताओं को एक लाख रुपये तक के वेतन वाले कर्मचारियों के लिए प्रोत्साहन राशि मिलेगी। सरकार कम से कम छह महीने तक निरंतर रोजगार वाले प्रत्येक अतिरिक्त कर्मचारी के लिए दो वर्षों तक नियोक्ताओं को अधिकतम 3000 रुपये प्रति माह तक का प्रोत्साहन देगी। विनिर्माण सेक्टर के लिए प्रोत्साहन राशि को तीसरे और चौथे वर्ष तक भी बढ़ाया जाएगा।

ईपीएफओ के साथ पंजीकृत प्रतिष्ठानों को कम से कम छह महीने के लिए निरंतर आधार पर कम से कम दो अतिरिक्त कर्मचारी (50 से कम कर्मचारियों वाले नियोक्ताओं के लिए) या पांच अतिरिक्त कर्मचारी (50 या अधिक कर्मचारियों वाले नियोक्ताओं के लिए) नियुक्त करने की आवश्यकता होगी।

इस अवसर पर क्षेत्रीय पीएफ आयुक्त प्रमोद सिंह, इंद्राज सिंह एवं नितेंदु मिश्रा, जीआईए के पूर्व प्रेजिडेंट जे एन मंगला, वर्तमान प्रेजिडेंट सुमित राव, एमएसएमई के संयुक्त निदेशक गौरव लाठर, डीईओ रंजीत रावत, डीएलओ राजेश सांगवान,
एईओ ज्योति सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

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Author: Bharat Sarathi

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