नशे के खिलाफ हरियाणा की जंग संसद में गूंजी

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लोकसभा में गूंज के बीच कुमारी सैलजा ने नशे का मुद्दा संसद के पटल पर रखा

नई दिल्ली, 12 दिसंबर। लोकसभा के शून्य काल में शुक्रवार को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने प्रदेश में तेजी से फैल रहे नशे के खतरे पर गंभीर चिंता जताई और सरकार से तुरंत प्रभावी कदम उठाने की मांग की। सांसद ने कहा कि हरियाणा, विशेषकर सिरसा क्षेत्र, नशे की चपेट में तेजी से आता जा रहा है और युवा पीढ़ी इसके कारण सबसे अधिक प्रभावित हो रही है।

सांसद कुमारी सैलजा ने सदन में कहा कि नशे की वजह से सैकड़ों युवाओं की मौत हो चुकी है और असंख्य परिवार टूट गए हैं। सांसद ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो स्थिति और भयावह हो सकती है, जिससे आने वाली पीढ़ियों का भविष्य खतरे में पड़ जाएगा। सरकार के नशा-नियंत्रण दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जमीनी स्तर की वास्तविकता इसके बिल्कुल विपरीत है। नशा-कारोबार बेखौफ तरीके से जारी है और किसी भी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं देती। लगभग हर जिले में नशे का जाल फैल रहा है, जिसे रोकने में प्रशासनिक तंत्र असफल सिद्ध हो रहा है।

केंद्र और राज्य सरकार से जवाब मांगते हुए उन्होंने कहा कि नशे के प्रसार पर रोक लगाने के लिए अब तक कौन से ठोस कदम उठाए गए हैं, यह स्पष्ट किया जाए। कुमारी सैलजा ने पूछा कि नशा-कारोबारियों पर कड़ी कार्रवाई क्यों नहीं हो रही और नशे की गिरफ्त में आए युवाओं के पुनर्वास के लिए समन्वित नीति आज तक क्यों तैयार नहीं की गई। उन्होंने यह भी सवाल पूछा कि आखिर किसके संरक्षण में इतना बड़ा अवैध नशा-कारोबार चल रहा है और सरकार इस पर जवाब देने से क्यों बच रही है।

सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि इस समस्या से निपटने के लिए केवल बयानबाज़ी पर्याप्त नहीं है। इसके लिए मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति, प्रभावी पुलिस कार्रवाई, अधिक पुनर्वास केंद्रों की स्थापना और व्यापक जन जागरूकता अभियान शुरू करना आवश्यक है। उन्होंने बेरोजगारी को भी नशे के फैलाव का एक बड़ा कारण बताते हुए कहा कि युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना भी उतना ही जरूरी है। कुमारी सैलजा ने कहा कि नशा-समस्या किसी एक जिले या राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय महत्व का मुद्दा है। उन्होंने सरकार से अपेक्षा की कि इसे सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तत्काल सख्त कदम उठाए जाएं, ताकि युवाओं और समाज को इस गंभीर खतरे से सुरक्षित किया जा सके।

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Author: Bharat Sarathi

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