नशे और अपराध की चपेट में शहर, सुरक्षा व्यवस्था फेल — CCTV और महिला पुलिस की भारी कमी
गुरुग्राम/चंडीगढ़। सामाजिक कार्यकर्ता किरण चौधरी ने गुरुग्राम व हरियाणा में बढ़ते महिला विरोधी अपराधों पर तीखी प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि राज्य की कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। उन्होंने कहा कि देश के कॉरपोरेट हब कहलाने वाले गुरुग्राम में महिलाओं का अटैची में मिलना, सड़क किनारे शव बरामद होना और अब जमीन में दबी हुई लाश मिलना—यह सब बेहद भयावह व शर्मनाक है।
नशे का फैलता जाल— अपराधों की सबसे बड़ी वजह
किरण चौधरी ने कहा कि गुरुग्राम में नशे का कारोबार तेज़ी से बढ़ रहा है, और इसके साथ ही अपराध भी बढ़ते जा रहे हैं।
उन्होंने तंज करते हुए कहा—
“गुरुद्रोण की नगरी और माता शीतला की पावन धरा पर नशे की इस भयावह महामारी का फैलना प्रशासन की सीधी विफलता है। शराब की ठेकों की रिकॉर्ड बोली लगती है पर नशा रोकने की जिम्मेदारी कोई नहीं निभाता।”
महिला सुरक्षा के नाम पर खोखले वादे
उन्होंने कहा कि सरकार ने CCTV से सुरक्षा की कई घोषणाएं कीं, लेकिन आज भी अधिकांश इलाके बिना कैमरों के हैं।
किरण चौधरी ने पूछा —
“जब हर चौक-चौराहे पर पुलिस की बात होती है, तो महिलाओं की लाशें कभी अटैची में, कभी सड़क किनारे, और अब जमीन में दबी कैसे मिल जाती हैं? क्या यही है सुरक्षा?”
थानों में महिलाओं की सुनवाई कौन करेगा?
किरण चौधरी ने महिला पुलिस कर्मियों की कमी को बेहद गंभीर समस्या बताते हुए कहा कि कई महिलाएँ थानों में जाकर शिकायत तक दर्ज नहीं करा पातीं।
साथ ही उन्होंने भाजपा महिला नेताओं पर भी सवाल दागा — “जब गुरुग्राम में ही भाजपा की हरियाणा महिला प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती उषा प्रियदर्शनी रहती हैं, तो महिला अपराध रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए गए?”
11 सालों में बढ़े अपराध व नशा — सरकार सिर्फ नारों में उलझी
उन्होंने कहा कि राज्य में पिछले वर्षों में न तो महिला सुरक्षा बेहतर हुई और न ही नशे पर लगाम लगी। “अपराध भी बढ़े और नशा भी… सरकार केवल घोषणाओं और जुमलों में व्यस्त रही।”
किरण चौधरी की प्रमुख मांगें
1️⃣ महिला सुरक्षा के लिए त्वरित ज़मीनी कार्यवाही
2️⃣ हर थाना — 24 घंटे महिला पुलिस कर्मियों की तैनाती
3️⃣ महिला अधिकारियों की तेज़ भर्ती
4️⃣ रात की पुलिस राइडर गश्त बढ़ाई जाए
5️⃣ शहर के सभी क्षेत्रों में CCTV कैमरे लगाए जाएँ
6️⃣ अंधेरी गलियों में स्ट्रीट लाइट की तत्काल व्यवस्था
7️⃣ नशे के नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई
अंत में उन्होंने सरकार को चेतावनी भरे शब्दों में कहा — “अब केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि जमीन पर काम करके हर महिला की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी। सुरक्षा देना सरकार का पहला दायित्व है — और इससे बचकर वह नहीं निकल सकती।”









