चयनित आदर्श गाँवों के विकास कार्यों की समीक्षा
प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के उद्देश्यों पर विस्तृत चर्चा
विभागों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य करने के निर्देश
गुरुग्राम, 9 दिसंबर-जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुमित कुमार की अध्यक्षता में आज यहाँ प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना (पीएमएजीवाई) के तहत गठित जिला स्तरीय अभिसरण समिति (डीएलसीसी) की बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, विभागों के समन्वय तथा चयनित गांवों के विकास प्रस्तावों की समीक्षा करना था।
बैठक में जिले के चयनित आदर्श गांवों लोहसिंघानी, लांगड़ा, मुजफ्फरा, फरीदपुर, राजपुरा और बस्तपुर में पीएमएजीवाई के तहत चल रहे विकास कार्यों की विस्तृत प्रगति समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि गांवों में विभिन्न चरणों में सड़क निर्माण, पेयजल आपूर्ति, स्वच्छता, शिक्षा ढांचे के सुदृढ़ीकरण और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार से जुड़े कार्य जारी हैं।
सीईओ सुमित कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना (पीएमएजीवाई) का मुख्य उद्देश्य चयनित गांवों को ‘आदर्श ग्राम’ के रूप में विकसित करना है, जहाँ सभी बुनियादी सुविधाएँ एकीकृत रूप से उपलब्ध हों। उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का अभिसरण कर ग्रामीण क्षेत्रों में आवास, स्वच्छता, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क संपर्क, डिजिटल कनेक्टिविटी और सामुदायिक संरचना जैसी आवश्यक सेवाओं को सुदृढ़ किया जाता है।
उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे तैयार किए गए ग्राम विकास योजना (वीडीपी) के अनुसार निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से कार्य पूर्ण करें, ताकि चयनित गांव जल्द से जल्द आदर्श ग्राम के मानकों को प्राप्त कर सकें।
बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी इंदु बोकन, बीडीपीओ सचेत,बीडीपीओ नरेश, एल.डी.एम. विनोद कुमार, एपीओ नवीन, एसइपीओ पटौदी विजयपाल, कमल सिंह (सहायक बीडीपीओ सोहना) सहित पशुपालन, कृषि, शिक्षा, जनस्वास्थ्य, पंचायत, सामाजिक कल्याण, खाद्य एवं आपूर्ति, महिला एवं बाल विकास, उद्यान तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।









