कुवि एलुमनी विश्वविद्यालय के ब्रांड एम्बेसडर : प्रो. सोमनाथ सचदेवा

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कुवि सांख्यिकी विभाग द्वारा “स्मृतिगंध 2.0” का भव्य आयोजन

देश-विदेश के एलुमनी का हुआ ऐतिहासिक पुनर्मिलन’’

कुरुक्षेत्र, वैद्य पण्डित प्रमोद कौशिक 7 दिसम्बर : कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के स्टैटिस्टिक्स एंड ऑपरेशंस रिसर्च विभाग द्वारा आयोजित एलुमनी मीट “स्मृतिगंध 2.0” शानदार और गरिमामय माहौल में सम्पन्न हुई। इस भव्य आयोजन में यूएसए और चीन सहित देश विदेश से आए पूर्व छात्रों ने भाग लिया और विभाग के सुनहरे दिनों को याद करते हुए भावपूर्ण अनुभव साझा किए। कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ। विभाग की यात्रा और उपलब्धियों को दर्शाने वाली एक शॉर्ट डॉक्यूमेंट्री भी प्रस्तुत की गई, जिसने सभी को पुराने समय की मधुर यादों में डूबा दिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि विश्वविद्यालय की सच्ची पहचान उसके एलुमनी होते वो विश्वविद्यालय के ब्रांड अम्बेसडर होते हैं। विश्विद्यालय का गौरव इस बात में है कि इसके विद्यार्थी राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी छाप छोड़ रहे हैं।” उन्होंने वर्तमान शिक्षा परिदृश्य में सांख्यिकी, रिसर्च, एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते महत्व को रेखांकित किया। एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) के इस आधुनिक युग में सांख्यिकी की भूमिका अत्यंत अहम हो गई है। उन्होंने कहा कि एआई की पूरी नींव डेटा पर आधारित होती है और उस डेटा को समझने, विश्लेषण करने तथा उससे सार्थक निष्कर्ष निकालने का कार्य सांख्यिकी के माध्यम से ही संभव है। मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, व्यवहार विश्लेषण जैसे सभी क्षेत्रों में सांख्यिकीय विधियों का व्यापक उपयोग हो रहा है। सांख्यिकी न केवल डेटा की विश्वसनीयता और गुणवत्ता को सुनिश्चित करती है, बल्कि एआई मॉडल की सटीकता, निष्पक्षता और प्रभावशीलता को भी मजबूत बनाती है। इसलिए यह कहा जा सकता है कि एआई के विकास और उसके सफल उपयोग में सांख्यिकी एक मजबूत स्तंभ के रूप में कार्य कर रही है।

कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने यह भी कहा कि स्मृतिगंध 2.0’ जैसे आयोजन केवल पुनर्मिलन नहीं, बल्कि ज्ञान, विचार और अनुभव के आदान प्रदान के मंच हैं। उम्मीद है कि एलुमनी भविष्य में भी विश्वविद्यालय के शोध और शैक्षणिक गतिविधियों में सक्रिय योगदान देंगे।”

विभागाध्यक्ष प्रो. एम.एस. कादियान ने सभी का स्वागत करते हुए अपने आत्मीय संबोधन में कहा कि एलुमनी किसी भी संस्थान की सबसे बड़ी पूंजी होते हैं। उनका अनुभव और मार्गदर्शन वर्तमान छात्रों के लिए अमूल्य है। हमारा उद्देश्य विभाग और अपने पूर्व छात्रों के बीच मजबूत संबंध बनाए रखना है।”

पूर्व छात्रों यूएसए से डॉ. परमजीत सिंह विर्क, चीन से प्रो. ब्रिज मोहन, आईएसएस मुकेश आहूजा ने ने अपने अंतरराष्ट्रीय अनुभव, तकनीकी कौशल और ग्लोबल मार्केट में बढ़ते अवसरों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में मिली शिक्षा और वातावरण ने उन्हें विश्व स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

श्री हरीश कुमार, डायरेक्टर वूर्टजाइट इंडिया प्राईवेट लिमिटेड ने तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया पर अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा डाटा एनालिटिक्स और एआई और स्टैटिसटिकल मॉडलिंग आने वाले वर्षों का भविष्य है। आज इंडस्ट्री स्किल्ड डेटा प्रोफेशनल्स की तलाश में है और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के के छात्र इसमें बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।”उन्होंने छात्रों को नवाचार, सीखने और नई तकनीकों को अपनाने की प्रेरणा दी। विभाग के वरिष्ठ सेवानिवृत्त शिक्षकों प्रो. एन.के जैन, प्रो. आरएल गर्ग, प्रो. एसडी शर्मा ने भी विभाग की स्थापना, संघर्ष और उपलब्धियों के प्रेरक किस्से सुनाए, जिन्हें एलुमनी ने खड़े होकर तालियों से सम्मानित किया। कार्यक्रम में अतिथियों को स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए। डॉ. जितेंद्र कुमार ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा और सभी की उपस्थिति के लिए आभार व्यक्त किया। पहले सत्र का समापन राष्ट्रीय गान और सामूहिक ग्रुप फोटो के साथ हुआ।

दोपहर के सत्र में एलुमनी ने आपसी संवाद के माध्यम से अपने अनुभव साझा किए। एलुमनी ने विभाग का विस्तृत भ्रमण किया और विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों को सराहा।

इसके बाद आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम ने सभी का मन मोह लिया। स्मृतिगंध 2.0” न केवल एक सफल आयोजन रहा, बल्कि विभाग और एलुमनी के बीच मजबूत संवाद का सेतु बनकर उभरा। यह दिन सभी के लिए यादगार, भावनापूर्ण और भविष्य की योजनाओं को नई दिशा देने वाला साबित हुआ।

इस अवसर पर प्रो. एलुमनी एसोसिएशन के निदेशक प्रो. अनिल मित्तल, प्रो. परमेश कुमार, प्रो. दीपक राय बब्बर, डॉ गुरचरण सिंह,डॉ. जोरावर, डॉ. सत्यभूषण, संजय चौधरी, हरमुनीश तनेजा, नवदीप, अनुज, नीता, विजय, विनोद शर्मा आदि मौजूद रहे।

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Author: Bharat Sarathi

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