लगभग 75% पद खाली, सांसद कुमारी सैलजा ने की पारदर्शी जांच की मांग
चंडीगढ़, 04 दिसंबर। हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन (HPSC) द्वारा कॉलेज कैडर असिस्टेंट प्रोफेसर (अंग्रेज़ी) भर्ती के सब्जेक्टिव नॉलेज परीक्षा परिणामों ने प्रदेश में गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार करीब 2200 अभ्यर्थियों में से केवल 151 उम्मीदवार ही न्यूनतम 35% अंक प्राप्त कर सके। ऐसे में 613 स्वीकृत पदों में से लगभग 75 प्रतिशत पद रिक्त रह जाने की स्थिति बन गई है।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री और सिरसा से सांसद कुमारी सैलजा ने इस परिणाम को बेहद चिंताजनक बताते हुए कहा कि यह तथ्य स्वयं मूल्यांकन प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर बड़ा प्रश्नचिह्न है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह इस मुद्दे को संसद में जोरदार ढंग से उठाएंगी और तब तक संघर्ष जारी रखेंगी जब तक परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शी समीक्षा न हो जाए।
सैलजा ने बताया कि असफल घोषित अभ्यर्थियों में बड़ी संख्या ऐसे युवाओं की है जो UGC-NET, JRF क्वालिफाइड हैं, पीएचडी धारक हैं या गोल्ड मेडलिस्ट रहे हैं। इतनी संख्या में उच्च शिक्षित प्रतिभाओं का असफल होना — प्रश्नपत्र की कठिनाई, मूल्यांकन मानकों और संपूर्ण चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता को संदेह के घेरे में लाता है।
उन्होंने यह भी कहा कि अनारक्षित वर्ग में चयनित लगभग 130 उम्मीदवारों में से 100 से अधिक अन्य राज्यों से होना तथा एससी-ओबीसी श्रेणी के लिये निर्धारित 300 से अधिक आरक्षित पदों पर केवल 21 उम्मीदवारों का चयन — आरक्षण नीति के पालन पर भी गंभीर सवाल खड़ा करता है। “स्पष्ट है कि प्रक्रिया में कहीं न कहीं गंभीर चूक हुई है, जिसका खामियाज़ा हरियाणा के युवाओं को भुगतना पड़ रहा है,” सांसद ने कहा।
सैलजा ने सरकार और HPSC से मांग की है कि—
• पूरी चयन प्रक्रिया की स्वतंत्र एवं उच्च स्तरीय जांच कराई जाए,
• उत्तर-पुस्तिकाओं की समीक्षा/पुनर्मूल्यांकन का अवसर दिया जाए,
• आरक्षण रोस्टर के पालन की स्थिति को पूरी पारदर्शिता से सार्वजनिक किया जाए।
उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियों में हरियाणा के युवाओं के लिए रास्ते लगातार संकुचित होते जा रहे हैं और आरक्षण व्यवस्था को भी व्यवस्थित तरीके से कमजोर किया जा रहा है। “हरियाणा के मेहनती युवाओं को किसी भी प्रशासनिक लापरवाही या अनुचित मूल्यांकन का शिकार नहीं होने दिया जाएगा,” उन्होंने विश्वास दिलाया।
सैलजा ने कहा कि वह इस मसले को पूरी गंभीरता के साथ संसद में उठाएंगी और न्यायसंगत समाधान होने तक अपनी लड़ाई जारी रखेंगी।








