वीआईपी नंबर की ₹1.17 करोड़ की बोली लगाकर पीछे हटना पड़ा भारी

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परिवहन मंत्री अनिल विज ने दिए संपत्ति की जांच के निर्देश, आयकर विभाग को भी लिखा जाएगा पत्र

“नीलामी में बोली लगाना शौक नहीं, जिम्मेदारी है” – विज ने आयकर विभाग को आर्थिक क्षमता व आय हेतू जांच के दिए निर्देश

चंडीगढ़, 03 दिसम्बर – हरियाणा के परिवहन मंत्री अनिल विज ने कहा कि राज्य में हाल ही में एचआर 88 बी 8888 नंबर के लिए ऑनलाइन नीलामी के दौरान किसी व्यक्ति ने 1 करोड़ 17 लाख रूपए की सबसे ऊंची बोली लगाई थी। लेकिन बोली लगाने के बाद उस व्यक्ति ने अपनी सुरक्षा राशि जब्त होने दी, इसलिए इस संबंध में उस व्यक्ति की संपति और आय की जांच करवाई जाएगी और देखा जाएगा कि वास्वत में उस व्यक्ति की आर्थिक क्षमता एक करोड 17 लाख रूपए की बोली लगाने की है या नहीं।

मीडिया कर्मियों से आज बातचीत करते हुए मंत्री अनिल विज ने बताया कि राज्य में फैंसी और वीवीआईपी वाहन नंबर नीलामी प्रणाली से आवंटित किए जाते हैं और कई लोग बड़ी-बड़ी बोलियां लगाकर इन नंबरों को खरीदने की कोशिश करते हैं। यह न केवल प्रतिष्ठा का विषय होता है, बल्कि सरकार की राजस्व वृद्धि में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है। उन्होंने बताया कि हाल ही में एचआर 88 बी 8888 नंबर के लिए ऑनलाइन नीलामी के दौरान किसी व्यक्ति ने 1 करोड़ 17 लाख रूपए की सबसे ऊंची बोली लगाई थी। लेकिन बोली लगाने के बाद उस व्यक्ति ने अपनी सुरक्षा राशि जब्त होने दी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि बोली लगाना सिर्फ शौक बनता जा रहा है, न कि जिम्मेदारी।

व्यक्ति की आय और संपत्ति की होगी जांच, आयकर विभाग को पत्र भेजा जाएगा – विज

परिवहन मंत्री ने कहा कि “मैंने परिवहन अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि जिस व्यक्ति ने यह बोली लगाई, उसकी संपत्ति और आय की पूरी जांच करवाई जाए। यह देखा जाए कि वास्तव में उस व्यक्ति की आर्थिक क्षमता 1 करोड़ 17 लाख रुपये की बोली लगाने की है भी या नहीं।” उन्होंने आगे बताया कि इस संबंध में आयकर विभाग को भी पत्र भेजकर विस्तृत जांच के लिए कहा जा रहा है, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति गलत जानकारी या बिना आर्थिक क्षमता के बोली न लगा सके।

गौरतलब है कि गत दिनों चरखी दादरी के बाढ़ड़ा उपमंडल के ‘HR88B8888’ नंबर के लिए ऑनलाइन ऑक्शन हुई थी। इस नंबर की नीलामी 1 करोड़ 17 लाख रुपये में तक हुई थी और हिसार के एक व्यक्ति ने यह बोली लगाई थी और 11 हजार सुरक्षा राशि जमा कराई थी, मगर बोली के पैसे जमा करवाने के आखिरी दिन उसने पैसे जमा नहीं करवाए। 

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Author: Bharat Sarathi

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