गुरुग्राम में सांख्यिकीय सुदृढ़ीकरण हेतु क्षमता विकास एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

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जिले में सांख्यिकीय प्रणाली को सुदृढ़ करने पर खास ध्यान केंद्रित किया गया

डेटा संग्रह, वैलिडेशन और गुणवत्ता सुधार पर विस्तृत प्रशिक्षण

गुरुग्राम, 1 दिसंबर- जिला सांख्यिकी कार्यालय गुरुग्राम ने सपोर्ट फॉर स्टैटिस्टिकल स्ट्रेंथनिंग योजना के तहत “सांख्यिकीय सुदृढ़ीकरण हेतु क्षमता विकास एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम” का आयोजन पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में किया। कार्यक्रम का उद्देश्य जिला स्तर पर सांख्यिकीय प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाना, डेटा गुणवत्ता में सुधार लाना तथा संबंधित अधिकारियों व फील्ड स्टाफ की तकनीकी क्षमता को सुदृढ़ करना था।

कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी, सांख्यिकीय कर्मचारी, फील्ड स्तर पर कार्यरत स्टाफ तथा डेटा संग्रह-विश्लेषण से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया। प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य बेहतर प्लानिंग, प्रभावी मॉनिटरिंग और साक्ष्यों पर आधारित सुशासन को बढ़ावा देने के लिए जिला स्तर पर विकेंद्रीकृत सांख्यिकीय प्रणाली को मजबूत करना था।

वर्कशॉप के दौरान प्रतिभागियों को जिला स्तर पर एकत्रित किए जाने वाले विभिन्न प्रकार के डेटा, उनके संग्रहण एवं वैलिडेशन की पद्धतियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही, डेटा की शुद्धता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।
लाइन विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर निरंतर और निर्बाध डेटा फ्लो बनाए रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।

जिला सांख्यिकी अधिकारी अजय ठाकुर ने कहा कि गुरुग्राम जैसे तेजी से विकसित हो रहे जिले में सटीक, विश्वसनीय और समय पर उपलब्ध डेटा नीति निर्माण के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि मजबूत डेटा प्रणाली से विकास कार्यों की योजना, निगरानी और क्रियान्वयन अधिक प्रभावी हो पाता है।

कार्यक्रम के दौरान इंटरएक्टिव सत्र, प्रश्न–उत्तर एवं समूह चर्चा का आयोजन भी किया गया, जिससे प्रतिभागियों को व्यावहारिक जानकारी और अनुभव साझा करने का अवसर मिला। अजय ठाकुर ने प्रतिभागियों को विभाग को हाल ही में सौंपे गए दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना–II के बारे में भी अवगत कराया।
उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत हरियाणा के निवासियों को कुत्ते के काटने या पशुओं जैसे—गाय, बैल, सांड, भैंस, कुत्ता, गधा, नीलगाय आदि के कारण हुए दुर्घटना, चोट, विकलांगता या मृत्यु की स्थिति में आर्थिक सहायता दी जाती है।

कार्यक्रम में राजिंदर सिंह भाटिया, उप निदेशक, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग, हरियाणा (पंचकूला) तथा रोहताश, लेक्चरर ने अपने महत्वपूर्ण सुझाव और अनुभव साझा किए। इसके साथ ही अशोक, एडीएसओ, मनोज, एपीओ तथा जिला सांख्यिकी कार्यालय के अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

जिला सांख्यिकी अधिकारी, गुरुग्राम ने एमएसपीआई तथा आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग, हरियाणा (पंचकूला) का निरंतर सहयोग के लिए धन्यवाद किया। उन्होंने यह भी कहा कि जिला सांख्यिकी कार्यालय समयबद्ध, सटीक और विश्वसनीय डेटा उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, ताकि जिले में योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।

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Author: Bharat Sarathi

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